जानलेवा “जाल” : हनी ट्रैप में फंसकर बीजेपी नेता पंखे से लटका “हनी” ने पति, देवर संग लगाया था 2 करोड़ का फ़टका

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राजनांदगांव. छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले के बहुचर्चित भाजपा नेता व ठेकेदार संजीव जैन आत्महत्या कांड में पुलिस ने हैरान करने वाला खुलासा किया है. पुलिस ने बीजेपी नेता को आत्महत्या के लिए उकसाने के पीछे हनीट्रैप से ठगी की नीयत को कारण बताया है. पुलिस का दावा है कि मामले में मुख्य आरोपी मानसी यादव नाम की महिला है. वह रायपुर की रहने वाली है. पुलिस के मुताबिक मानसी यादव द्वारा संजीव जैन से फोनकॉल के माध्यम से दोस्ती की गई. इसके बाद रिश्ते बढ़ाकर ब्लैकमेलिंग का सिलसिला शुरू किया गया. इस पूरी साजिश को महिला के पति और देवर ने उसके साथ मिलकर रचा. बीजेपी नेता संजीव जैन से आरोपियों ने करीब 1 करोड़ 75 लाख रुपये ठग लिए थे.

राजनांदगांव के बीजेपी नेता व ठेकेदार 56 वर्षीय संजीव जैन का बीते 10 अगस्त को फांसी के फंदे पर लटका हुआ शव बरामद किया गया था. पुलिस ने इस मामले में बीते 11 सितंबर को बड़ा खुलासा किया. इस चर्चित सुसाइड केस में मानसी यादव और उसके पति ललित सिंह को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. मामले का एक अन्य आरोपी मानसी यादव का देवर कौशल सिंह अब भी फरार है. ललित सिंह और कौशल सिंह मूलत: उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं. बताया जा रहा है कि संजीव जैन को तीनों आरोपी पिछले 8 साल से ब्लैकमेल कर रहे थे. पूरी वारदात को फिल्मी अंदाज में अंजाम दिया गया.

तीनों ने मिलकर तैयार की साजिश की स्क्रिप्ट

राजनांदगांव की एडिशनल एसपी प्रज्ञा मेश्राम ने बताया कि आरोपियों ने पूछताछ में बड़े खुलासे किए हैं. ब्लैकमेलिंग की स्क्रिप्ट मानसी यादव, उसके पति और देवर ने मिलकर तैयार की थी. इसके तहत मानसी द्वारा संजीव जैन के मोबाइल फोन पर कॉल किया गया और फिर रॉन्ग नंबर कहकर कॉल कट कर दिया गया. इसके बाद लगातार कॉलिंग होती रही और इसी तरह मानसी ने संजीव से दोस्ती कर ली. फोन पर की गई ये दोस्ती धीरे-धीरे प्यार में बदल गई और फिर दोनों के बीच शारीरिक संबंध बनने शुरू हो गए.

फिर शुरू हुआ ब्लैकमेलिंग का सिलसिला

पुलिस मुताबिक संजीव जैन से संबंध बनने के बाद मानसी, उसके पति और देवर ने ब्लैकमेलिंग शुरू की. मानसी यादव अपने अकाउंट में धीरे-धीरे कर संजीव जैन से करीब पौने 2 करोड़ रुपये ट्रांसफर करवा लिये. पैसे लेने के पीछे मानसी अपनी सरकारी नौकरी, कार व घर खरीदने का हवाला देती थी. पुलिस ने बताया कि 8 सालों से मानसी की डिमांड पूरी करते-करते संजीव परेशान हो गया था. पैसे नहीं देने पर आरोपी उसके घर में संबंधों की बात कहने और दूसरे तरीकों से ब्लैकमेल करते थे. इससे तंग आकर ही संजीव जैन ने आत्महत्या कर ली थी. सुसाइड नोट और बैंक अकाउंट के आधार पर पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार किया है.

राजनांदगांव में रह चुका है मानसी का पति

पुलिस के मुताबिक मानसी यादव रायपुर की रहने वाली है, जिसकी शादी मेरठ में रहने वाले ललित सिंह से हुई है. ललित सिंह आठवीं बटालियन राजनांदगांव में आरक्षक के रूप में पदस्थ था और उसका देवर कौशल सिंह उत्तर प्रदेश के मेरठ में रहता है. बताया जा रहा है कि राजनांदगांव में रहते हुए ही उसको संजीव जैन के बारे में पता चला था. संजीव की आत्महत्या के बाद बसंतपुर पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही थी. पुलिस ने मानसी यादव को रायपुर से गिरफ्तार किया है, जब वह अपने घर तीजा मनाने आई थी और उसके पति भी उसके साथ ही था.

 

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