May 16, 2022 11:40 am

शाम ढलते ही बाघ – तेंदुए हो जाते हैं मुस्तैद, उत्तराखंड के इस इलाके मे अंधेरा होते ही ग्रामीण हो जाते हैं घरों में कैद

रामनगर: इलाके मे वन क्षेत्रों से गांव लगे होने का नुकसान ग्रामीणों को उठाना पड़ रहा है। बाघ व गुलदार ग्रामीण इलाक़ों में डेरा जमाए हुए हैं। इन हिंसक वन्य जीवों की आवाजाही से ग्रामीणों को खतरा बना हुआ है। हल्द्वानी रोड पर बाघ की मूवमेंट से सुबह-शाम टहलने वाले लोगों के अलावा बैलगढ़ के ग्रामीण भी डरे हुए हैं। बाघ ने बैलगढ़ गांव में ग्रामीण राम सिंह बिष्ट की दुधारू गाय को निवाला बना लिया। ऐसे में ग्रामीण अपने पशुओं को अब बाहर खोलने से डर रहे हैं। बाघ गांव के नजदीक ही डेरा जमाए हुए है।

बीते दिनों बाघ रात में सड़क पर घूमता हुआ दिखाई दिया था। बाघ की दहशत इतनी है कि अंधेरा होते ही ग्रामीण घरों में कैद होने को मजबूर हैं। इसके अलावा ग्राम जोगीपुरा, जस्सागांजा, गोबरा एवं मंगलार क्षेत्र में भी पिछले एक सप्ताह से गुलदार का आतंक बना हुआ है। गुलदार पिछले माह दो लोगों पर हमला करने का भी प्रयास कर चुका है। गांव में गुलदार के आतंक को लेकर ग्रामीण दहशत में हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि बीते दिनों ग्राम मंगलार में गुलदार को कैद करने के लिए पिंजडा लगाने की कार्रवाई भी की गई थी। लेकिन इसके बावजूद गुलदार पिंजड़े में कैद नहीं हो पाया है। वह विभाग गुलदार को पकड़ने के लिए महज औपचारिक कार्रवाई कर रहा है। जस्सागांजा गांव के रमेश‌ चंद्र, विरेन्द्र ‌कुमार, महेश ‌चंद्र, राहुल,गौरव कुमार, रोहित, विक्की, राजेंद्र टम्टा ने वन विभाग से गुलदार को पकड़ने के लिए गंभीरता पूर्वक कार्रवाई किए जाने की मांग की है। कोसी रेंजर ललित जोशी ने बताया कि ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए गांव में स्टाफ को अलर्ट किया गया है। गश्त कराई जा रही है।