May 16, 2022 10:05 am

NCRB की रिपोर्ट ने चौंकाया, पहाड़ी राज्यों में हत्या-रेप के मामलों में उत्तराखंड पहले नंबर पर आया

देहरादून: राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो ने हाल ही में अपनी ताजा रिपोर्ट जारी की है (NCRB Report 2020). इस रिपोर्ट में उत्तराखंड में अपराध को लेकर स्थिति चिंताजनक है. 2020 के आंकड़ों के मुताबिक पहाड़ी राज्यों में हत्या और रेप के मामलों में उत्तराखंड पहले नंबर पर है। एनसीआरबी के आंकड़ों के मुताबिक, 2020 में कोरोना काल के चलते लगे लॉकडाउन (Covid Lockdown) के बावजूद भी राज्य में अपराध पर अंकुश नहीं लगा. लॉकडाउन के चलते ऑनलाइन काम का प्रचलन ज्यादा बढ़ा, इसके साथ साइबर क्राइम (Cyber Crime) में दोगुनी बढ़ोतरी देखने को मिली है. एनसीआरबी रिपोर्ट के मुताबिक, उत्तराखंड में 2019 के मुकाबले 2020 में अपराध के ज्यादा मुकदमे दर्ज हुए हैं.

पिछले 5 सालों में उत्तराखंड में अपराध की स्थिति- 

एनसीआरबी रिपोर्ट के मुताबिक साल 2018 में उत्तराखंड में  कुल 3415 अपराध के मुकदमे दर्ज किए गए थे. साल 2019 में 28268 दर्ज किए गए. जबकि 2020 में 57332 अपराध के मामले  दर्ज हुए. इन आंकड़ों के मुताबिक 2019 की तुलना कोविड-19 काल 2020 में अधिक मुकदमे दर्ज हुए हैं. वहीं 2019 में साल 2018 के मुकाबले राज्य में अपराध कम था. 2018 में जहां 34715 क्राइम केस दर्ज हुए थे, तो वहीं 2019 में कुल 28268 मामले दर्ज हुए थे.

पहाड़ी राज्यों में हत्या के मामलों में पहले नंबर पर उत्तराखंड

उत्तराखंड में साल 2019 में 199 हत्या के मामले दर्ज हुए थे (Murder Cases in Uttarakhand). हालांकि साल 2020 में हत्या के मामलों में 2019 के मुकाबले थोड़ी गिरावट देखने को मिली है. 2020 में राज्य में  कुल 160 मर्डर केस सामने आए हैं. लेकिन एनसीआरबी द्वारा जारी की गई इस रिपोर्ट में 2020 में पहाड़ी राज्यों में हत्या के मामलों में उत्तराखंड पहले नंबर पर है, जो चिंता का विषय है.

नौ हिमालयी राज्यों में उत्तराखंड के अलावा अरुणाचल प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, सिक्किम और त्रिपुरा शामिल हैं. इस लिस्ट में दूसरे नंबर पर जम्मू कश्मीर (149) और तीसरे नंबर पर हिमाचल प्रदेश (91) है. वहीं देश में 2020 के दौरान कुल 29,193 हत्या के मामले दर्ज किए गए, जो 2019 (28,915 मामलों) की तुलना में 1.0 फीसदी की मामूली वृद्धि दर्शाता है.

लॉकडाउन के बावजूद 2020 में महिलाओं के खिलाफ बढ़ा अपराध

उत्तराखंड में 2020 में महिलाओं के विरूद्ध अपराध (Crime Against Women in Uttarakhand)) के कुल 2846 मामले दर्ज किए गए जो 2019 में 2541 थे और 2018 में 2817 थे. वहीं पिछले 5 सालों की बात करें तो राज्य में 2015 से महिलाओं के खिलाफ अपराध के मामले हर साल लगातार बढ़ें हैं.

हिमालयी राज्यों में सबसे ज्यादा रेप केस उत्तराखंड में

उत्तराखंड में नौ हिमालयी राज्यों में बलात्कार और बाल यौन शोषण (Rape Cases in Uttarakhand) के सबसे ज्यादा मामले दर्ज किए है. आंकड़ों के अनुसार, उत्तराखंड में 2020 में बलात्कार के 487 मामले दर्ज किए, जो नौ हिमालयी राज्यों में सबसे ज्यादा हैं. उत्तराखंड के बाद सबसे ज्यादा केस हिमाचल (331 ) में दर्ज किए गए, जिसके बाद त्रिपुरा में 79 केस सामने आए.

कोरोना काल में उत्तराखंड में दोगुना हुआ साइबर अपराध 

उत्तराखंड में- 2020 में साइबर अपराध में दोगुनी की वृद्धि हुई है. 2020 में उत्तराखंड में साइबर अपराध (Cyber Crime in Uttarakhand) के 243 मामले दर्ज किए गए.  वहीं साल 2019 में राज्य में साइबर क्राइम के कुल 100 मामले सामने आए थे. कोविड-19 काल 2020 में जब सब कुछ बंद था, उस वक्त ऑनलाइन काम प्रचलन तेजी से बढ़ा था. इसके चलते 2020 में साइबर क्राइम में भी वृद्धी देखने को मिली है. वहीं साल 2019 में 2018 के मुकाबले साइबर अपराध में कुछ रोक लगी थी.

2020 में तेजी से बढ़ा साइबर क्राइम

2018 में जहां 171 साइबर अपराध के मामले दर्ज किए गए थे, वहीं 2019 में यह संख्या घटकर मात्र 100 रह गई थी. जिसके बाद 2020 में इसमें तेजी आई और साइबर क्राइम के केस में बढ़ोतरी देखने को मिली. देश में 2020 में साइबर अपराध के तहत कुल 18,657 मामले दर्ज किए गए हैं, जो 2019 (18,500 मामले) की तुलना में 0.8 फीसदी की वृद्धि दर्शाता है. भारत में साइबर अपराध का रेट भी 2019 में 16.2 से बढ़कर 2020 में 16.4 हो गया.