May 27, 2022 8:33 am

पंजाब के पहले दलित मुख्यमंत्री बने चरणजीत सिंह चन्नी, सोनी और रंधावा ने भी ली उप मुख्यमंत्री की शपथ, पढ़िये पूरी खबर  

चंडीगढ़: दलित नेता चरणजीत सिंह चन्नी ने सोमवार को पंजाब के नये मुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली। इसके साथ ही वह पंजाब के पहले दलित मुख्यमंत्री बन गए हैं। कैप्टन अमरिंदर सिंह के इस्तीफ़े के बाद चन्नी को मुख्यमंत्री बनाया गया है। उन्हें रविवार को ही कांग्रेस विधायक दल की बैठक में सर्वसम्मति से नेता चुना गया। सोमवार को राजभवन में चन्नी के साथ ही मंत्री के तौर पर कांग्रेस नेता ओपी सोनी और सुखजिंदर रंधावा ने भी शपथ ली। सोनी और रंधावा को उप मुख्यमंत्री बनाया गया है। शपथ ग्रहण समारोह में अन्य नेताओं के साथ कांग्रेस नेता राहुल गांधी और नवजोत सिंह सिद्धू भी शामिल हुए। कैप्टन अमरिंदर सिंह समारोह में शामिल नहीं हुए हैं। हालाँकि, उन्होंने रविवार को चरणजीत सिंह चन्नी को नये मुख्यमंत्री चुने जाने पर बधाई दी थी।

चन्नी के शपथ ग्रहण के बीच ही पंजाब कांग्रेस में अंदरुनी कलह की ख़बर आई है। यह ख़बर पंजाब कांग्रेस के प्रभारी हरीश रावत के बयान पर पंजाब कांग्रेस के पूर्व प्रमुख सुनील जाखड़ की आपत्ति के बाद आई है। रविवार को नये मुख्यमंत्री की घोषणा के बीच ही हरीश रावत ने कह दिया था कि राज्य में आगामी विधानसभा चुनाव नवजोत सिंह सिद्धू के नेतृत्व में लड़ा जाएगा। उनके इस बयान पर सुनील जाखड़ ने कहा कि मुख्यमंत्री के शपथ ग्रहण पर ऐसा बयान हैरान करने वाला है। इस बीच उनके भतीजे के पंजाब किसान आयोग से इस्तीफ़े की ख़बर भी है।

सुनील जाखड़ ने ट्वीट किया है, “मुख्यमंत्री के रूप में श्री चरणजीत सिंह चन्नी के शपथ ग्रहण दिवस पर श्री रावत का यह कथन कि ‘चुनाव सिद्धू के नेतृत्व में लड़े जाएंगे’, चौंकाने वाला है। इससे मुख्यमंत्री के अधिकार कमजोर होने की संभावना है, और इससे उनके चयन का उद्देश्य भी खारिज हो जाता है।” बता दें कि सुनील जाखड़ का नाम ऐसे लोगों में था जिनका नाम मुख्यमंत्री पद के दावेदारों के तौर पर पहले चल रहा था।

चरणजीत सिंह चन्नी ने सरकार गठन के लिए रविवार शाम को राजभवन जाकर राज्यपाल बनवारी लाल पुरोहित से मुलाक़ात की थी और उनके साथ पंजाब कांग्रेस के प्रभारी हरीश रावत, नवजोत सिंह सिदूध व दूसरे कांग्रेसी नेता भी थे। राज्यपाल से मिलने के बाद चन्नी ने कहा था, ‘कांग्रेस पार्टी के विधायकों ने शनिवार को सर्वसम्मति से जो निर्णय लिया है, उसके तहत मैंने राज्यपाल महोदय के पास सरकार बनाने का दावा पेश किया है।

चन्नी के विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने ट्वीट कर बधाई दी थी। उन्होंने कहा था कि ‘लोगों को किए गए वायदे हमें पूरे करने चाहिए। लोगों का भरोसा सर्वोपरि है।’

अमरिंदर सिंह ने शनिवार को पद से दे दिया था इस्तीफा

बता दें कि कैप्टन अमरिंदर सिंह ने शनिवार को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। इस्तीफ़े से पहले पंजाब कांग्रेस विधायक दल की बैठक होनी तय थी। उस बैठक में अमरिंदर सिंह ने भाग नहीं लिया था। बैठक का एलान पंजाब कांग्रेस के प्रभारी हरीश रावत ने शुक्रवार को किया था। उन्होंने कहा था कि इस बैठक में हर विधायक का मौजूद रहना अनिवार्य है। पंजाब कांग्रेस विधायक दल की शनिवार को हुई बैठक में 78 विधायक मौजूद थे, जिनमें से कई कैप्टन अमरिंदर सिंह के समर्थक भी थे। बैठक से सिर्फ कैप्टन अमरिंदर और एक अन्य विधायक ही दूर थे। पंजाब में कांग्रेस के 80 विधायक हैं।