आनंद गिरि, लड़की, और लाज, सुसाइड नोट ने खोल दिये कई राज ! आखिर कौन महंत नरेंद्र गिरि को कर रहा था ब्लैकमेल ?

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प्रयागराज : अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि के कमरे से बरामद सुसाइड नोट में तीन लाइनें बड़ी ही खटकने वाली हैं। इसमें लड़की के साथ वीडियो का जिक्र है। इसकी जानकारी महंत को यहां से नहीं बल्कि हरिद्वार से सोमवार को सुबह मिली। आश्चर्य की बात यह है कि महंत के पुराने शिष्य स्वामी आनंद गिरि भी उस समय हरिद्वार में ही मौजूद थे।

सुसाइड नोट मे लिखी थी ये बात

पुलिस अधिकारियों ने जब सुसाइड नोट पढ़ा तो उसमें कुछ लाइनें यूं लिखी थीं ‘आज जब हरिद्वार से सूचना मिली कि एक-दो दिन में आनंद गिरि कंप्यूटर के माध्यम से मोबाइल से उस लड़की के साथ मेरी फोटो जोड़कर गलत काम करते हुए फोटो बदनाम करने के लिए वायरल कर देगा’। बस, यही चंद लाइनें थीं जिस पर अफसरों ने पूरा ध्यान केंद्रित कर दिया। किस लड़की के बारे में महंत से कहा गया था। वीडियो एक-दो दिन में जारी करने की बात कही गई थी यानि वीडियो भी तैयार थी। इसके बाद पुलिस ने महंत नरेंद्र गिरि के मोबाइल को खंगालना शुरू किया तो आखिर बार उनकी बात किससे हुई थी। किसने उन्हें हरिद्वार से फोन किया था। इसमें कई ऐसे नंबर मिले जो बाहर के थे।

हरिद्वार आश्रम से किया जा रहा था महंत को फोन

सूत्रों के अनुसार पुलिस ने इन नंबरों को खंगालना शुरू किया तो कुछ नंबर उठे भी, जिन्होंने बताया कि वे महंत नरेंद्र गिरि के शिष्य हैं और आशीर्वाद लेने के लिए फोन किया था, जबकि कुछ नंबर स्विच ऑफ थे। ये नंबर किसके हैं, इसका पता लगाया जा रहा है। हरिद्वार से किसने फोन किया था, उसका पता अभी नहीं चल सका है। सूत्रों के मुताबिक हरिद्वार से फोन करने वाला वहीं आश्रम का ही व्यक्ति है। जो आनंद गिरि के शिष्यों के साथ ही रहता है, लेकिन आनंद गिरि को पसंद नहीं करता है। महंत नरेंद्र गिरि ने भीतरखाने से उसे अपना करीबी बना रखा था, जो आनंद गिरि के बारे में उनको खबरें देता था। अब पुलिस इसी शख्स की तलाश में है, क्योंकि इस पूरे प्रकरण से वह काफी हद तक परदा उठा सकता है।

सीओ की अध्यक्षता में 18 सदस्यीय बनी एसआइटी

महंत नरेंद्र गिरि की संदिग्ध दशा में हुई मौत की जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआइटी) गठित कर दी गई है। अब एसआइटी ही पूरे मामले की तफ्तीश करेगी और वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाने से लेकर संदिग्ध लोगों का बयान दर्ज करते हुए आगे की कार्रवाई करेगी। एसआइटी का सुपरविजन एडीजी, कमिश्नर, आइजी व एसएसपी करेंगे।

एसआइटी का अध्यक्ष सीओ चतुर्थ अजीत सिंह चौहान को बनाया गया है। सीओ पंचम आस्था जायसवाल, विवेचक इंस्पेक्टर जार्जटाउन महेश सिंह, इंस्पेक्टर सुजीत दुबे, सर्विलांस प्रभारी संजय सिंह को सदस्य बनाया गया है। इसके अलावा दारोगा बलवंत सिंह, महावीर सिंह, मनोज सिंह, हेड कांस्टेबल अभय कुमार, नवीन राय, सिपाही विनोद दुबे, अवनीश, शशि प्रकाश, संदीप, योगेंद्र, महिला सिपाही अनीता यादव व स्नेहा पौरुष को भी सदस्य नामित किया गया है। इन सदस्यों में कई पुलिसकर्मी क्राइम ब्रांच, फील्ड यूनिट से भी जुड़े हैं, ताकि विवेचना और अभियुक्तों की गिरफ्तारी को लेकर तेजी से काम किया जा सके। हालांकि अधिकारियों ने यह साफ नहीं किया है कि एसआइटी को अपनी रिपोर्ट कितनों दिनों में देनी है, लेकिन एक सप्ताह में जांच पूरी करने की बात कही जा रही है। एसएसपी सर्वश्रेष्ठ त्रिपाठी ने बताया कि जार्जटाउन थाने में महंत नरेंद्र गिरी की मौत को लेकर अमर गिरि की तहरीर पर आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में मुकदमा दर्ज है। उसी मुकदमे की विवेचना और अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए एसआइटी गठित की गई है।