अनिल बलूनी का बयान: हर कांग्रेसी के दिल मे उठ रहा बीजेपी मे आने का तूफान, गोदियाल ने कहा था 15 दिन में फाइनल कर देंगे बीजेपी से कौन-कौन आएंगे मेहमान

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देहरादून : राज्यसभा सांसद व भाजपा के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनिल बलूनी ने बड़ा बयान देकर उत्तराखंड की राजनीति में हलचल मचा दी है। शुक्रवार को मीडिया पाठशाला कार्यक्रम में अनिल बलूनी प्रदेश भाजपा की मीडिया टीम को आगामी विधानसभा चुनाव के प्रचार की टिप्स देने के लिए पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत और उनके इर्द-गिर्द एक दो लोगों को छोड़कर हर कांग्रेसी भाजपा में आने का इच्छुक है और संपर्क कर रहा है। लेकिन भाजपा में हाउस फुल है।

बता दें कि हरीश रावत ने नवजोत सिंह सिद्धू के समर्थन में बयान देते हुए पाकिस्तान के सेना प्रमुख बाजवा को पंजाबी भाई बताया था। जिसे लेकर अनिल बलूनी ने उन पर निशाना साधा। कहा कि राजनीति कीजिए, दो-दो हाथ कीजिए हम तैयार हैं। लेकिन बाजवा के हाथों में हिंदुस्तान के सैनिकों का खून लगा है उसे हरीश रावत भाई बोल रहे हैं। यह दुर्भाग्य है। कोई भी उत्तराखंड या देश के अंदर जनरल बाजवा को भाई नहीं कह सकता है। इसके लिए हरीश रावत को माफी मांगनी चाहिए। जिस तहर की वह बातें वह कर रहे हैं उससे कांग्रेस का और समाज का भी नुकसान है। वोटों के तुष्टिकरण के लिए कृपया इस तरह की राजनीति न करें।

उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय मंत्री अमित शाह, राजनाथ सिंह उत्तराखंड आएंगे और यहां की जनता से मुखातिब होंगे। भारतीय जनता पार्टी की सरकार दोबारा बने उसके लिए हम कोई कसर नहीं छोड़ने वाले हैं। शुक्रवार को मीडिया पाठशाला कार्यक्रम में अनिल बलूनी के साथ ही प्रदेश चुनाव के सह प्रभारी व राष्ट्रीय प्रवक्ता सरदार आरपी सिंह भी मौजूद रहे।

कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल का बयान – हमारे संपर्क में हैं भाजपा के कई नेता

वहीं इससे पहले प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा था कि भाजपा के बहुत से नेता कांग्रेस के संपर्क में हैं। पार्टी इनके बारे में गुण-दोष के आधार पर फैसला लेगी। अगले 15 दिन में इस बारे में कुछ बड़ा फैसला होने के संकेत उन्होंने दिए। प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में गुरुवार को मीडिया से बातचीत में प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा था कि भाजपा से कांग्रेस में आने वालों के बारे में गुण-दोष के आधार पर फैसला लिया जाएगा। यह जरूरी नहीं होगा कि भाजपा से जो आएगा, उसे ही टिकट दिया जाए। पहले कांग्रेस के भीतर ही पांच वर्षों से क्षेत्र में मजबूती से कार्य करने वाले कार्यकर्त्‍ताओं को तरजीह मिलेगी। उन्होंने कहा कि पार्टी में टिकट को लेकर अभी निर्णय नहीं हुआ है। इस बारे में सामूहिक रूप से ही निर्णय लिया जाएगा। अगले महीने से इस बारे में विचार किया जा सकता है।