मेहंदी डोरी की रस्म के साथ साबिर पाक के सालाना उर्स का आगाज, 20 अक्तूबर को होगा कुल शरीफ,  23 अक्तूबर तक चलेगा उर्स, जानिए पूरे प्रोग्राम

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रुड़की: कोरोना की चुनौतियों के बीच मेहंदी डोरी की रस्म के साथ साबिर पाक के 753वें सालाना उर्स का आगाज हो गया। रात दस बजे ईशा की नमाज अदा की गई। मजार शरीफ में मेहंदी डोरी पेश करते वक्त जायरीनों की भीड़ उमड़ पड़ी। काफी मशक्कत के बाद करीब 100 जायरीन साबिर पाक के मजार शरीफ के अंदर जा सके।

बृहस्पतिवार को सज्जादानशीन शाह अली एजाज साबरी कुद्दूसी, शाह यावर एजाज साबरी, उनके परिवार और खास मुरीद (अनुयायी) दरगाह साबिर पाक से अल्लाह हू अकबर की सदाओं के साथ अपने कदीमी (पुराने घर) पहुंचे। यहां से अपने सिर पर मेहंदी, डोरी की थाल, संदल और प्रसाद लेकर सूफियाना कव्वालों के साथ वापस दरगाह आए।
सज्जादानशीन ने दरगाह साबिर पाक में मेहंदी डोरी और संदल पेश किया। इसके बाद शाह अली एजाज साबरी और शाह यावर अली एजाज साबरी ने प्रसाद के तौर पर जायरीनों को मेहंदी डोरी बांटी। इस मौके पर देश में अमनचैन और कोरोना से निजात की दुआएं मांगी गईं। मेहंदी डोरी की रस्म में कव्वालों ने कलाम पेश किए। मौके पर शाह खालिक मियां, शाह सुहैल, दरगाह पानीपत के सज्जादानशीन हाफिज मैराज साबरी, शाह गाजी, नैय्यर अजीम फरीदी, राजी मियां, शाह असद साबरी, गुलसाद सिद्दीकी, सूफी राशिद साबरी, सफीक साबरी मौजूद रहे।

रस्म में शामिल हुए विभिन्न प्रदेशों के लोग 

मेहंदी डोरी की रस्म में शामिल होने के लिए पंजाब, दिल्ली, मुरादाबाद, बिजनौर, सहारनपुर सहित अन्य जगहों से जायरीन कलियर पहुंचे। इस दौरान भारी पुलिस बल तैनात रहा। कई पुलिसकर्मी सादी वर्दी में भी ड्यूटी पर तैनात रहे। कोविड गाइडलाइन और अन्य व्यवस्थाओं को लेकर अधिकारी भी सतर्क रहे। प्रशिक्षु सीओ नताशा सिंह ने बताया कि मेहंदी डोरी की रस्म सकुशल संपन्न कराई गई।

साबिर पाक के सालाना उर्स में मेहंदी डोरी की रस्म के दौरान साबिर पाक की दरगाह से सज्जादानशीन के पुराने घर तक करीब डेढ़ किमी तक लाइट का इंतजाम पंजाब के जायरीन अपने खर्चे पर करते हैं। गोविंदगढ़, पंजाब निवासी रणधीर ने बताया कि वे करीब 22 वर्षों से कलियर आकर लाइट की व्यवस्था कराते हैं। यह धर्म का काम है और सभी को मिलजुलकर करना चाहिए।

ये हैं उर्स की रस्में
18 अक्तूबर को छोटी रोशनी
19 अक्तूबर को बड़ी रोशनी
20 अक्तूबर को कुल शरीफ
21 अक्तूबर को गुस्ल शरीफ
22 अक्तूबर को नातिया मुशायरा
23 अक्तूबर को उर्स का समापन