पत्नी संग बढ़ाया हाथ, निर्दलीय विधायक राम सिंह कैड़ा हुए भाजपा के साथ,  पढ़िये कैड़ा का राजनीतिक सफर

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देहरादून: उत्तराखंड की भीमताल विधानसभा से निर्दलीय विधायक राम सिंह कैड़ा ने पत्नी के साथ शुक्रवार को दिल्ली में भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर ली। इस दौरान उत्तराखंड के प्रदेश प्रभारी और राज्यसभा सदस्य दुष्यंत गौतम, केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी, राज्यसभा सांसद अनिल बलूनी और उत्तराखंड भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक भी मौजूद रहे। उनकी पत्नी ओखलकांडा ब्लॉक प्रमुख कमलेश कैड़ा ने भी भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर ली है।  भाजपा में शामिल होने के बाद विधायक राम सिंह कैड़ा ने कहा कि भाजपा एक ऐसी राष्ट्रीय पार्टी है जो एक परिवार की तरह अपने कार्यकर्ताओं को जोड़े रखती है। और यही कारण है कि भाजपा के कार्यकर्ताओं में मतभेद जैसी कोई बात सामने नहीं आती है। कैड़ा ने कहा कि भाजपा में शामिल होने के बाद वह पार्टी के कार्यकर्ताओं का वैसे ही सम्मान करेंगे, जैसे वह निर्दलीय विधायक रहते हुए अपने समर्थकों का करते आए हैं। कैड़ा ने कहा कि वह पार्टी की मजबूती के साथ ही हर कार्यकर्ता की भावनाओं का ध्यान रखते हुए काम करेंगे।


अटल बिहारी वाजपेयी और नारायण दत्त तिवारी आदर्श

विधायक राम सिंह कैड़ा ने बताया कि राजनीति में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और पूर्व मुख्यमंत्री नारायण दत्त को अपना आदर्श मानते हैं।  भीमताल विधानसभा सीट से वर्ष 2017 में मोदी लहर में निर्दलीय विधायक बने राम सिंह कैड़ा प्रदेश में चर्चाओं में आने के साथ भाजपा और कांग्रेस के शीर्ष नेताओं की नजरों में भी आए थे। कैड़ा ने अपनी विधानसभा में विकास कार्यों के लिए अपने चार सालों में भाजपा के साथ तालमेल बनाए रखा। वहीं कैड़ा के साथ भीमताल विधानसभा के कुछ जनप्रतिनिधियों के भी भाजपा में शामिल होने की चर्चा है। विधायक राम सिंह कैड़ा की पूर्व मुख्यमंत्री और महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी और केंद्रीय राज्य मंत्री और सांसद अजय भट्ट से नजदीकियां रही हैं।

छात्र नेता से शुरू की राजनीति

ओखलकांडा ब्लॉक के कैड़ा गांव निवासी राम सिंह कैड़ा ने अपनी राजनीति कॅरियर की शुरुआत छात्र राजनीति से की। कैड़ा हल्द्वानी एमबीपीजी कॉलेज में वर्ष 1992 में छात्रसंघ अध्यक्ष, 1994 में छात्रसंघ सचिव, 1999-2000 के मध्य छात्रसंघ अध्यक्ष और 2001 में छात्र महासंघ अध्यक्ष रहे। छात्र राजनीति के बाद कैड़ा पूर्ण रूप से राजनीति में उतर गए। कैड़ा वर्ष 2003 में नाई-ढोलीगांव से जिला पंचायत सदस्य और 2008 में भुमका से क्षेत्र पंचायत सदस्य रहे। साथ ही कैड़ा उत्तराखंड राज्य गठन के दौरान राज्य आंदोलनकारी के रूप में फतेहगढ़, बरेली, हल्द्वानी और नैनीताल जेल में भी बंद रहे।

 कांग्रेस के इन पदों पर रहे कैड़ा

विधायक राम सिंह कैड़ा ने छात्र राजनीति के साथ जिला पंचायत और क्षेत्र पंचायत सदस्य रहने के बाद कांग्रेस की सदस्यता ली। कैड़ा कांग्रेस में प्रदेश महामंत्री, प्रदेश संगठन मंत्री और प्रदेश सचिव के पदों पर रहे। कैड़ा ने कांग्रेस की सीट पर भीमताल विधानसभा से विधायक के रूप में चुनाव भी लड़ा, लेकिन तब हार का सामना करना पड़ा था। वर्ष 2017 में कांग्रेस से टिकट न मिलने पर कैड़ा ने निर्दलीय चुनाव लड़कर मोदी लहर में जीत हासिल कर नया इतिहास रचा था।