यूपी रोडवेज से उत्तराखंड आने के लिए देने होगा ज्यादा किराया? चार से छह गुना बढ़ा मोटर व्हीकल टैक्स, वसूली में लापरवाही बरतने पर नपेंगे अफसर,

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देहरादून: उत्तराखंड आने वाली यूपी रोडवेज की बसों को अब चार से छह गुना मोटर व्हीकल टैक्स चुकाना होगा। कैबिनेट ने मंगलवार को रोडवेज और दूसरे राज्यों से उत्तराखंड आने वाली बसों का टैक्स यूपी के समान कर दिया। इससे राज्य का सालाना राजस्व कम से कम 40 करोड़ रुपये तक बढ़ जाएगा।  नई व्यवस्था: आज कैबिनेट से प्रस्ताव पास होने के बाद राज्य का मोटर व्हीकल टैक्स भी यूपी के समान हो जाएगा। दूसरे राज्यों से आने वाले वाहनों को भी 400 और 600 रुपये के हिसाब से उत्तराखंड को टैक्स चुकाना  होगा।

उत्तराखंड रोडवेज को भी झटका: मंदी से जूझ रहे उत्तराखंड रोडवेज को  इस नए टैक्स स्लैब की वजह से झटका लगने जा रहा है। अब तक रोडवेज परिवहन विभाग को 85 और 106 रुपये के हिसाब से टैक्स देता था। 

यह थी विसंगति: उत्तराखंड में सामान्य बस के लिए प्रतिसीट प्रतिमाह 85 रुपये टैक्स तय है। एसी गाड़ी होने पर इसमें 25 फीसदी अतिरिक्त टैक्स शुल्क बढ़ जाता है। यानि एसी गाड़ी पर प्रति सीट प्रतिमाह 106 रुपये टैक्स लागू है। उत्तराखंड आने वाले दूसरे राज्यों के निगमों की बसों केा इसी रेट पर टैक्स चुकाना होता है। जबकि दूसरे राज्यों में टैक्स स्लैब काफी ज्यादा है।

मोटर व्हीकल टैक्स की विसंगति की वजह से उत्तराखंड को काफी नुकसान हो रहा था। अब यूपी के समान टैक्स होने की वजह से नियमों में एकरूपता भी आएगी और राज्य की आमदनी भी बढ़ेगी।

सुबोध उनियाल, शासकीय प्रवक्ता 

 

टैक्स वसूली में लापरवाही बरतने पर नपेंगे अफसर 

यूपी के समान टैक्स स्लैब होने के बाद भी यदि राजस्व में बढ़ोतरी नहीं होती तो परिवहन विभाग के अफसरों पर गाज गिरनी तय है। परिवहन विभाग में उम्मीद के मुताबिक टैक्स जमा न होने पर सरकार बेहद गंभीर है। संपर्क करने पर परिवहन सचिव डॉ. रंजीत कुमार सिन्हा ने कहा कि परिवहन अधिकारियों को दूसरे राज्यों से आने वाले प्रत्येक वाहन का रिकार्ड रखने और नियमानुसार टैक्स वसूली के कड़े निर्देश दिए गए हैं। टैक्स की स्थिति का आंकलन किया जा रहा है। इसमें अब कोई कोताही नहीं बख्शी जाएगी। परिवहन विभाग में दूसरे राज्यों के वाहनों से टैक्स वसूली में गंभीर लापरवाही सामने आ रही है।

परिवहन अधिकारियों को प्रत्येक वाहन का रिकार्ड रखने के सख्त आदेश दिए गए हैं। राजस्व राज्यहित का विषय है। इसमें यदि  लापरवाही पाई जाती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त एक्शन भी लिया जाएगा।

डॉ. रंजीत कुमार सिन्हा