जानलेवा साबित हो सकता है डेंगू, जानिये डेंगू के लक्षण और डेंगू से बचने के लिए कुछ नेचुरल उपाय…

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न्यूज़ डेस्क: बदलते मौसम और बारिश के दिनों में डेंगू होने का खतरा सबसे ज्यादा रहता है. डेंगू नाम का मच्छर साफ पानी में रहता है और इसके काटने से व्यक्ति को बुखार आता है जिससे प्लेटलेट्स कम हो जाते हैं. डेंगू मादा एडीज इजिप्टी मच्छर के काटने से होता है. इन मच्छरों के शरीर पर चीते जैसी धारियां होती हैं. ये मच्छर दिन में, खासकर सुबह काटते हैं. डेंगू बरसात के मौसम और उसके फौरन बाद के महीनों यानी जुलाई से अक्टूबर में सबसे ज्यादा फैलता है.

डेंगू बुखार के लक्षण
– ठंड लगना और तेज बुखार आना.
– मांसपेशियों और शरीर के सभी जोड़ों में दर्द होना.
– आंखों के पिछले हिस्से में दर्द होना.
– कमजोरी लगना, भूख न लगना और जी मितलाना और मुंह का स्वाद खराब होना.

डेंगू से बचने के लिए करें ये उपाय…

  1. प्रायः डेंगू का मच्छर दिन के समय काटता है. इसलिए दिन में मच्छरों के काटने से खुद को बचाएं.
  2. बारिश के दिनों में फुल शर्ट ही पहनें. पावों में जूते जरूर पहनें. शरीर को कहीं से भी खुला ना छोड़ें.
  3. घर के आसपास या घर के अंदर पानी नहीं जमने दें. कूलर, गमले, टायर इत्यादि में जमे पानी को तुरंत बहा दें.
  4. कूलर में यदि पानी है तो इसमें किरासन तेल डालें जिससे कि मच्छर पनप ना पाये.
  5. मच्छरदानी का उपयोग करें और मच्छरों को दूर करें.
  6. पानी की टंकियों को सही तरीके से ढंक कर रखें.
  7. यदि आपको डेंगू हो भी गया है तो ये परहेज करते रहें जिससे आपके शरीर का वायरस दूसरों तक न पहुंचे.
  8. सबसे पहले नजदीकी डॉक्टर से सहायता लें और खून में प्लेटलेट्स की जांच करवा लें.
  9. उपचार का मुख्य तरीका सहायक चिकित्सा देना ही है. रोगी को लगातार पानी देते रहें नहीं तो शरीर में पानी की कमी हो सकती है. नसों के जरिए भी रोगी को तरल दिया जाता है.
  10. रोगी के खून में यदि प्लेटलेट्स की संख्या बहुत कम हो जाए या फिर रक्त स्त्राव शुरू हो जाए तो खून चढ़ाना भी पड़ सकता है.
  11. खुद से कोई दवा ना लें क्योंकि यदि आपने गलती से एस्प्रीन या कोई और गैर स्टेरोईड दवाएं ली तो रक्तस्त्राव बढ सकता है.
  12. साधारण पेरासिटामोल रोगी को देने में कोई हर्ज नहीं है.

डेंगू बुखार से बचने के नैचुरल उपाय

 मेथी- मेथी से स्वास्थ्य को कई तरह के फायदे मिलते हैं. डेंगू बुखार में यह काफी फायदेमंद साबित होता है. मेथी को रातभर पानी में भिगो कर रखें और सुबह इसे छान कर पी लें.

नारियल पानी- डेंगू बुखार में शरीर में पानी की कमी होने लगती है. ऐसे में डिहाइड्रेशन से बचने के लिए नारियल पानी आपकी मदद कर सकता है.

पपीते के पत्ते- पपीते के पत्ते बहुत लंबे समय से डेंगू के इलाज के लिए एक लोकप्रिय उपाय है. यह रोगियों में डेंगू के लक्षणों से राहत और प्रतिरक्षा को बढ़ाकर डेंगू के उपचार में मदद कर सकता है.

नीम के पत्ते- नीम के पत्तों में जादुई मेडिकल गुण होते हैं. ये शरीर में वायरस के विकास और प्रसार को बाधित करने में बड़ा योगदान दे सकते हैं. यह प्रतिरक्षा को बढ़ावा देने के साथ श्वेत रक्त कोशिका प्लेटलेट्स और रक्त प्लेटलेट काउंट को भी बढ़ाने में मदद कर सकता है.