उत्तराखंड आपदा: अब तक 62 की मौत, गृह मंत्री ने आपदा प्रभावित इलाकों का किया हवाई सर्वेक्षण

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देहरादून: उत्तराखंड में विगत दिनों आई आपदा में मृतकों की संख्या बढ़कर 62 हो गई है।  गुरुवार को बागेश्वर जिले की सुंदरढूंगा घाटी में चार पर्यटकों की मौत की खबर मिली है। जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, केंद्रीय मंत्री  अजय भट्ट, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक ने केंद्रीय गृहमंत्री का स्वागत किया। अमित शाह ने गुरुवार को उत्तराखंड में आपदा प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण किया।

34 लोग फंसे, चार की मौत और दो लापता

जानकारी के मुताबिक बागेश्वर जिले के पिंडारी, सुंदरढूंगा व कफनी ग्लेशियर क्षेत्र में अभी भी 54 लोग फंसे हुए हैं। वहीं सुंदरढूंगा घाटी में कतोली, भानूटी ग्लेशियर के आस-पास ट्रेक पर गए चार पर्यटकों की मौत हो गई है और दो पर्यटक लापता हैं। यह जानकारी उनके साथ बतौर पोर्टर गए  दरढूंगा से सुरेंद्र सिंह पुत्र हरक सिंह ने दी है। कफनी ग्लेशियर ट्रेक में 20 गांव वाले भी फंसे हुए हैं। वहीं जिला सूचना अधिकारी कार्यालय ने भी इसकी पुष्टि की है।

पोर्टर सुरेंद्र ने बताया कि एक घायल समेत चार लोग खाती गांव वापस लौट आए हैं। वहीं देर से हरकत में आए जिला प्रशासन ने पिंडारी की तरफ दो टीमें राहत-बचाव के लिए भेज दी हैं। कपकोट के एसडीएम परितोष वर्मा ने बताया कि सुंदरढूंगा की तरफ भी एसडीआरएफ की टीम रवाना कर दी गई है। इसके अलावा मेडिकल टीम भी रवाना हो गई है। उत्तराखंड में विगत 17 से 19 अक्तूबर तक बारिश ने जमकर कहर बरपाया है। आपदा से गढ़वाल, कुमाऊं में अभी तक 62 से ज्यादा लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है।

दो दिन पहले कोलकाता से किसी महिला ने किया था फोन

बताया जा रहा है कि बागेश्वर के जिला आपदा विभाग को दो दिन पहले कोलकाता से किसी महिला ने फोन कर बताया था कि उसके परिजन और उनके मित्र सुंदरढूंगा घाटी में ट्रेक पर गए हैं, जहां उनके साथ दुर्घटना होने की सूचना उन्हें मिली है। महिला ने आपदा विभाग से इस बारे में उनकी मदद करने की गुहार भी लगाई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। जिसके बाद उक्त महिला ने देहरादून मुख्यालय से गुहार लगाई।

राहत-बचाव अभियान की कवायद जारी

देहरादून मुख्यालय से कार्रवाई करने के निर्देश के बाद बागेश्वर जिला प्रशासन हरकत में आया और 20 अक्तूबर को देर शाम एक टीम को राहत-बचाव के लिए रवाना किया गया। हालात गंभीर होते देख गुरुवार को राहत-बचाव करने के लिए जिला प्रशासन ने एक टीम फिर भेजी है और इसके साथ ही हेलीकॉप्टर से राहत-बचाव अभियान की कवायद भी शुरू कर दी गई है।

वायुसेना के हेलीकॉप्टर ने फिर भरी उड़ान, एमआई 17 भी मौर्चे पर

जिला सूचना अधिकारी बागेश्वर के मुताबिक पिंडारी, सुंदरढूंगा व कफनी ग्लेशियर में 34 लोग फंसे हुए हैं। अतिवृष्टि के कारण पिंडारी ग्लेशियर ट्रेक पर पड़ने वाले गांव द्वाली में 18 पर्यटक, 06 विदेशी और 10 गांव वाले फंसे हुए हैं।

वहीं कफनी ग्लेशियर ट्रेक में 20 गांव वाले और सुंदरढूंगा ग्लेशियर ट्रेक में कुल छह पर्यटक फंसे हुए हैं। सुंदरढूंगा में चार की मौत हो गई है और दो पर्यटक लापता हैं। जिलाधिकारी विनीत कुमार के निर्देशन में तहसील कपकोट से राजस्व विभाग, पुलिस और वन विभाग की दो टीम 20 अक्तूबर को रवाना की गई हैं। जबकि गुरुवार को दो और टीमों को रवाना किया गया है। इसके साथ ही हेलीकॉप्टर से बचाव अभियान चलाए जाने का भी फैसला लिया गया है।

एमआई 17 हेलीकॉप्टर को भी अभियान में उतारा

वहीं गुरुवार को एक बार फिर वायुसेना के हेलीकॉप्टर ने पिथौरागढ़ और कपकोट के लिए उड़ान भरी है। जहां आपदा प्रभावितों के लिए राहत-बचाव कार्य किया जाएगा। साथ ही वायु सेना ने एमआई 17 हेलीकॉप्टर को भी इस अभियान में उतार दिया है। जिसमें एनडीआरएफ के जवान प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव का कार्य करेंगे।