तालिबान की तानाशाही पड़ रही खिलाड़ियों पर भारी, जूनियर वॉलीबॉल महिला खिलाड़ी का सिर काटा, कई महिला खिलाड़ी हुईं अंडरग्राउंड

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काबुल: तालिबान  आतंकियों द्वारा अफगानिस्तान जूनियर महिला राष्ट्रीय वॉलीबॉल टीम की एक सदस्य की हत्या की बात सामने आई है। पर्सियन इंडिपेंडेंट वेबसाइट के अनुसार एक कोच ने बताया कि तालिबानी आतंकियों ने टीम की इस सदस्य का गला काटकर उसकी हत्या की। एक इंटरव्यू में कोच सुराया अफजाली (बदला हुआ नाम) ने कहा कि महिला खिलाड़ी महजबीन हकीमी की हत्या तालिबान ने इसी महीने में की है। कोच ने बताया कि इस भीषण हत्या के बारे में पता नहीं चला क्योंकि तालिबान ने उसके परिवार को इस बारे में बात नहीं करने की धमकी दी थी।

काबुल नगर पालिका वॉलीबॉल क्लब के लिए खेलती थी महजबीन

महजबीन अशरफ गनी सरकार के पतन से पहले काबुल नगर पालिका वॉलीबॉल क्लब के लिए खेलती थी और टीम के स्टार खिलाड़ियों में शामिल थी। कोच के अनुसार फिर कुछ दिनों पहले उसके कटे हुए सिर और खून से लथपथ गर्दन की तस्वीरें सोशल मीडिया पर सामने आई। अफगान महिला राष्ट्रीय वॉलीबॉल टीम की कोच ने कहा कि अगस्त में तालिबान के पूर्ण नियंत्रण से पहले टीम के केवल दो खिलाड़ी देश से भागने में सफल रहे थे। महजबीन हकीमी भी उन महिला खिलाड़ियों में शामिल रहीं जो समय रहते देश नहीं छोड़ सकीं। कोच अफजाली ने कहा कि कब्जे के बाद से तालिबान लगातार महिला एथलीटों की पहचान कर उन्हें पकड़ने में जुटा है। अफजाली ने दावा किया कि तालिबानी खासकर अफगान महिला वॉलीबॉल टीम के सदस्यों की तलाश में हैं, जिन्होंने कई बार विदेशी और घरेलू प्रतियोगिताओं में भाग लिया और मीडिया कार्यक्रमों में लगातार नजर आती रही थीं।

अफगानिस्तान में महिला खिलाड़ी हुई अंडरग्राउंड

अफजाली ने बताया, ‘वॉलीबॉल टीम की सभी खिलाड़ी और बाकी महिला एथलीट बुरी स्थिति में हैं। वे निराशा और डर में हैं। हर कोई भागने या छुप कर रहने के लिए मजबूर है।’ अफगान राष्ट्रीय महिला वॉलीबॉल टीम की स्थापना 1978 में हुई थी और यह लंबे समय से देश में युवा लड़कियों के लिए आशा और सशक्तिकरण का जरिया रही है। हालांकि महजबीन की मौत ने सभी को डरा दिया है। टीम के सदस्य अफगानिस्तान छोड़ने के लिए लगातार विदेशी संगठनों और देशों का समर्थन हासिल करने की कोशिश में जुटे हैं पर अब तक नाकाम रहे हैं। पिछले हफ्ते फीफा और कतर सरकार ने अफगानिस्तान से राष्ट्रीय फुटबॉल टीम के सदस्यों और उनके परिवार सहित 100 से अधिक महिला फुटबॉलरों को सफलतापूर्वक निकाला था।