न लिया लोन न फिर भी बैंक से आई कॉल, बैंककर्मी बोले – किश्त न दी तो पति के सिर में इतनी कील ठोकेंगे कि गिन नहीं पाओगी

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नई दिल्ली: नगर कोतवाली क्षेत्र की न्यू पंचवटी कॉलोनी में रहने वाले कारोबारी के साथ एक अजीबो.गरीब वाक्या सामने आया है। कारोबारी का कहना है कि कोटक महिन्द्रा बैंक के कर्मचारियों ने उनकी पत्नी को फोन कॉल पर धमकी दी। कहा कि अगर लोन की किश्त जमा नहीं तो वह उनके पति के सिर में इतनी कील ठोकेंगे कि वह गिन नहीं पाएगी। जबकि हकीकत यह है कि न तो उन्होंने बैंक से कोई लोन लिया और न ही किसी लोन में अपनी जमानत दी। पीडि़त कारोबारी ने कॉल रिकॉर्डिंग के साथ बैंक कर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। पुलिस मामले की तहकीकात में जुटी है।


न्यू पंचवटी कॉलोनी निवासी रंजीत सिंह क्लीनिंग और पैकेजिंग प्रोडक्ट्स के सप्लायर हैं। उनका कहना है कि उनकी पत्नी ऊषा सिंह के मोबाइल नंबर पर अनजान नंबर से कॉल आई। सामने वाले व्यक्ति ने खुद को कोटक महिन्द्रा बैंक का कर्मचारी बताते हुए कहा कि प्रवीण राणा ने उनके बैंक से लोन लिया है। उसने रेफ रेंस में ऊषा सिंह का नाम और मोबाइल नंबर लिखवाया है। लोन की किश्त नहीं आ रही हैं और उससे संपर्क भी नहीं हो पा रहा है। उनकी पत्नी ने प्रवीण राणा नाम के किसी व्यक्ति की जानकारी न होने की बात कही तो कॉल करने वाला शख्स भडक़ गया। उसने कहा कि चुपचाप प्रवीण राणा से बात कराओ। इसके बाद उनकी पत्नी ने कॉल काट दी।कारोबारी से भी की अभद्रता, कहा जो करना है कर लो

कारोबारी का कहना है कि एक ही दिन में उनकी पत्नी के मोबाइल पर दो अलग.अलग नंबरों से चार बार कॉल आईं। प्रवीण राणा को न जानने की बात दोहराने पर कॉलर ने कहा कि पूरा खानदान ही चोर है। रंजीत सिंह का कहना है कि पत्नी के बताने पर उन्होंने बात की तो कॉलर ने उनके साथ भी अभद्रता की और भुगत लेने की धमकी दी। रंजीत सिंह का कहना है कि उन्होंने भी प्रवीण राणा को न जानने की बात कहते हुए दोबारा कॉल करने पर एफआईआर दर्ज कराने की धमकी दी। इस पर कॉलर ने कहा कि जो करना है कर लो, लेकिन लोन का पैसा देना पड़ेगा। इसके बाद आरोपी कर्मचारियों ने व्हाट्सएप पर मैसेज भेजकर प्रवीण राणा के लोन का तगादा किया।

धमकी से तनाव में आया कारोबारी का परिवार

कारोबारी का कहना है कि सबसे पहले वह उनकी पत्नी का रेफरेंस देने वाले प्रवीण राणा के खिलाफ  कार्रवाई चाहते हैं। इसके बाद वह बैंक कर्मचारियों की खबर लेंगे कि उन्होंने रेफ रेंस लेने से पहले उनसे पूछा क्यों नहीं? ऐसे तो कोई भी किसी का रेफ रेंस देकर बैंकों से मोटा लोन ले लेगा और उसका खामियाजा निर्दोष व्यक्ति को भरना पड़ेगा। पीडि़त कारोबारी का कहना है कि बैंक कर्मियों की धमकी से वह और उनकी पत्नी मानसिक तनाव में आ गए हैं।

सीओ फस्र्ट महीपाल सिंह का कहना है कि बिना जानकारी के किसी का रेफ रेंस देना अपराध है। साथ ही बैंक को भी पूछताछ करनी चाहिए थी। पीडि़त ने बैंक कर्मियों की रिकॉर्डिंग के साथ शिकायत दी है। धमकाने वाले कर्मचारियों के खिलाफ  कार्रवाई की जाएगी।