रियल लाइफ में फ़िल्म हिंदी मीडियम की कहानी- नामी स्कूल में दाखिला था करोड़पति बाप का मिशन – गरीब बताकर  कोटे से करा दिया बेटे का एडमिशन

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नई दिल्ली: अपने बच्चे का एडमिशन अच्छे स्कूल में करवाना हर माता-पिता का सपना होता है, साथ ही तनाव का कारण भी। अभिनेता इरफान खान की फिल्म हिंदी मीडियम में अभिभावकों की इस परेशानी को बखूबी दिखाया गया। इस फिल्म में कपल अपने बच्चे का नामी स्कूल में दाखिला करवाने के लिए गरीब बनने का ड्रामा करता है ताकि इकोनॉमिकली वीकर सेक्शन (ईडब्ल्यूएस) कोटा के तहत स्कूल उनके बच्चे को एडमिशन दे दे। अब सच में दिल्ली के एक परिवार ने ऐसी ही कहानी रच डाली है।

जानकारी के अनुसार यहां एक अमीर पिता ने एक हाईप्रोफाइल स्कूल में अपने बच्चे का एडमिशन करवाने के लिए न सिर्फ फर्जी आईडी बना ली। बल्कि आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग कोटा के तहत बच्चे का एडमिशन भी करवा दिया। हालांकि सच्चाई सामने आने के बाद स्कूल प्रबंधन ने आरोपी पिता के खिलाफ मामला दर्ज करवाया है। स्कूल का आरोप है कि शख्स ने गैर कानूनी तरीके से अपने बेटे का नाम, पिता का नाम और घर का पता बदलकर खुद को गरीब परिवार से दिखाया। इसी आधार पर साल 2019 में ईडब्ल्यूएस कोटा के तहत बच्चे का नर्सरी क्लास में दाखिला करवा दिया। जबकि उसका बेटा पहले ही एक अन्य नामी निजी स्कूल में पढ़ रहा था।

पुलिस के अनुसार बच्चे ने ही पूरे मामले की पोल खोल दी। बच्चा अपने सहपाठियों से जिद कर रहा था कि उसे उसके असली नाम से पुकारा जाए। जिसके बाद स्कूल प्रशासन को शक हो गया। जांच में पता चला कि आरोपी शख्स बच्चे को मोटरसाइकिल पर स्कूल से लेने आता था। फिर थोड़ी दूर एक पार्किंग में खड़ी महंगी कार में बैठाता और दिल्ली के पॉश एरिया में उसके असली घर छोड़ता। स्कूल का आरोप है कि इस फर्जीवाड़े से एक पात्र बच्चा एडमिशन से वंचित रह गया। आरोपी ने दिल्ली हाईकोर्ट में जस्टिस अनु मल्होत्रा की पीठ के सामने अग्रिम जमानत की गुहार लगाई। जज ने आरोपी को एक लाख रुपए के निजी बॉन्ड पर जमानत पर छोडऩे के आदेश दिए हैं।