पेगासस जासूसी मामला : राहुल गांधी ने सरकार को घेरा, पूछे ये सवाल

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नई दिल्‍ली: कांग्रेस के पूर्व अध्‍यक्ष राहुल गांधी बुधवार को मीडिया से रूबरू हुए। इस दौरान उन्‍होंने पेगासस जासूसी मामले में सरकार को घेरा। राहुल बोले कि इसे लेकर उनके सिर्फ 3 सवाल हैं। इन सवालों के जवाब वह पहले भी मांग रहे थे और आगे भी मांगते रहेंगे। उन्‍होंने इस मामले में सरकार की मंशा पर सवाल खड़े किए। इसमें उन्‍होंने मुख्‍य रूप से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को कठघरे में खड़ा किया। राहुल ने कहा कि पिछले संसद सत्र के दौरान हमने पेगासस का मुद्दा उठाया था। आज सुप्रीम कोर्ट ने इस पर राय दी है। हम जो कह रहे थे, कोर्ट ने उसका समर्थन किया। हम 3 सवाल पूछ रहे थे – पेगासस को किसने अधिकृत किया? इसका इस्तेमाल किसके खिलाफ किया गया? क्या किसी अन्य देश के पास हमारे लोगों की जानकारी तक पहुंच है?


राहुल ने कहा कि पेगासस भारतीय लोकतंत्र को कुचलने का एक प्रयास है। यह एक बड़ा कदम है कि सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि वह इस मामले को देखेगी। उन्‍होंने विश्वास जताया कि इससे सच बाहर आएगा। उन्‍होंने कहा, ‘हमें खुशी है कि सुप्रीम कोर्ट ने पेगासस मुद्दे पर विचार करना स्वीकार कर लिया है। हम इस मुद्दे को फिर से संसद में उठाएंगे। हम कोशिश करेंगे कि संसद में बहस हो। मुझे यकीन है कि भाजपा इस पर बहस करना पसंद नहीं करेगी।’

राहुल ने कहा कि पेगासस का इस्तेमाल मुख्यमंत्रियों, पूर्व प्रधानमंत्रियों, भाजपा के मंत्रियों सहित अन्य के खिलाफ किया गया था। क्या पीएम मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पेगासस के इस्तेमाल से डेटा प्राप्त कर रहे थे? अगर चुनाव आयोग, सीईसी और विपक्षी नेताओं के फोन टैपिंग का डेटा पीएम के पास जा रहा है, तो यह एक आपराधिक कृत्य है। कांग्रेस नेता ने कहा, ‘संसद में हमने पेगासस का मुद्दा उठाया था। पेगासस देश पर, देश के संस्थानों पर एक हमला है। हमने 3 सवाल पूछे थे पेगासस को किसने खरीदा, इसे कोई प्राइवेट पार्टी नहीं खरीद सकती, इसे सरकार ही खरीद सकती है। किन लोगों पर इसे इस्तेमाल किया गया था। क्या पेगासस का डेटा किसी और देश के पास भी था या सिर्फ भारत सरकार के पास था। हमें जवाब नहीं मिला। विपक्ष मिलकर एक साथ खड़ा हुआ। यह देश के लोकतंत्र पर आक्रमण है।’

राहुल बोले कि कोर्ट में जांच हो रही है। लेकिन, वह चाहेंगे कि संसद में इस पर चर्चा हो। पेगासस को प्रधानमंत्री ने ऑर्डर किया है या गृह मंत्री ने ऑर्डर किया है। अगर प्रधानमंत्री ने हमारे ही देश पर किसी और देश से मिलकर हमारे देश पर आक्रमण किया है तो हम ये प्रधानमंत्री से सुनना चाहते हैं। सुप्रीम कोर्ट ने इजराइली स्पाईवेयर ‘पेगासस’ के जरिये भारतीय नागरिकों की कथित जासूसी के मामले की जांच के लिए बुधवार को विशेषज्ञों की एक समिति का गठन किया। प्रधान न्यायाधीश एन वी रमण, न्यायमूर्ति सूर्य कांत और न्यायमूर्ति हिमा कोहली की पीठ ने कहा कि इस तीन सदस्यीय समिति की अगुवाई शीर्ष अदालत के पूर्व न्यायाधीश आर वी रवींद्रन करेंगे। कोर्ट ने विशेषज्ञों के पैनल से जल्द रिपोर्ट तैयार करने को कहा और मामले की आगे की सुनवाई आठ सप्ताह बाद के लिए सूचीबद्ध की।