वैज्ञानिकों को मिला 10 करोड़ साल पुराना जीवित केकड़ा, “अमर केकड़े” पर वैज्ञानिको ने शुरू किया रिसर्च, देखिये तस्वीरें…

Share on facebook
Share on twitter
Share on linkedin

नई दिल्ली:  पृथ्वी पर कई ऐसे रहस्यमयी जीव और वस्तुएं सामने आती रहती हैं जिसे देख वैज्ञानिक भी हैरान रह जाते हैं। हिंदू धर्म ग्रंथों में ‘अमरता’ का जिक्र है, जिसका मतलब होता है कभी ना मरने वाला। हालांकि इस धरती पर ऐसा कोई प्राणी नहीं जो अमर हो लेकिन हाल ही में वैज्ञानिकों को पहली बार एक ‘अमर’ केकड़ा मिला है। इस केकड़े की उम्र 10 करोड़ साल के आस-पास बताई जा रही है और यह एक एंबर (पेड़ की गोंद) में कैद है।

10 करोड़ है केकड़े की उम्र

10 करोड़ साल पुराने इस केकड़े का मिलने वैज्ञानिकों के लिए किसी चमत्कार से कम नहीं है, इसे साफ पानी और समुद्री जीवों के बीच की कड़ी माना जा रहा है। आपको बता दें कि केकड़े को ‘अमर’ कहने का मतलब ये नहीं है कि वो अभी भी जीवित है। उसे अमर इसलिए कहा जा रहा है क्योंकि करोड़ा साल बाद भी उसका शरीर सही सलामत है। एंबर में कैद होने की वजह से उसका शरीर आज भी पहले की ही अवस्था में है। इस एंबर में यह केकड़ा कैसे कैद हुआ, यह तो कई नहीं बता सकता।

केकड़े का नाम भी है दिलचस्प

हालांकि केकड़े को लेकर वैज्ञानिकों ने रिसर्च और प्रयोग शुरू कर दिए हैं। माना जा रहा है कि इसकी उम्र 10.5 करोड़ से लेकर 9.50 करोड़ के आस-पास हो सकती है। वैज्ञानिकों के पास इसका डिटेल से अध्ययन करने का अच्छा मौका है। केकड़े को उसकी उम्र देखते हुए दिलचस्प नाम भी दिया गया है, वैज्ञानिक इसे क्रेटस्पारा अथानाटा कहकर बुलाते हैं। इस नाम का भी अपने आप में एक मतलब है।

https://twitter.com/ScienceAdvances/status/1451246936011378695/

‘अमर’ केकड़े की स्टडी में आई चौंकाने वाली बातें

क्रेट का मतलब होता है खोल वाला और अस्पारा, दक्षिण-पूर्व एशिया में बादलों और पानी के देवता को कहा जाता है। जबकि अथानाटा का मतलब होता है अमर। केकड़े को यह नाम उसके उभयचली जीवन और स्थान पर दिया गया है। इस ‘अमर’ केकड़े को लेकर की गई हालिया स्टडी साइंस एडवांसेस जर्नल में प्रकाशित की गई है। ट्विटर पर भी एंबर में कैद केकड़े की फोटो शेयर की गई है। इसे देख सोशल मीडिया यूजर्स भी हैरान हैं।

इस वजब से दुर्लभ है केकड़ा

हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के पोस्टडॉक्टोरल रिसर्चर जेवियर लूक के मुताबिक यह केकड़ा दुर्लभ है क्योंकि अक्सर वैज्ञानिकों को कीड़े-मकौड़े, बिच्छू, मिलीपीड्स, पक्षी और सांप एंबर में कैद मिलते हैं। ये सभी जीव जमीन पर रहने वाले प्राणी हैं, लेकिन अब ऐसा पहली बार हुआ है जब किसी एंबर में पानी में रहने वाला जीव कैद मिला है। आमतौर पर केकड़ ना ही जंगलों में आते हैं और ना ही पेड़ पर चढ़ते हैं, वो पानी में रहना ही पसंद करते हैं।

केकड़े से खुलेंगे इतिहास के कई राज

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक इस केकड़े की लंबाई सिर्फ 2 मिलीमीटर है, लेकिन एंबर में यह एकदम सुरक्षित है। इसके शरीर का एक भी अंग गायब नहीं है, इसकी मदद से पुरातत्वविदों को अन्य केकड़ों का मॉडल बनाने में भी आसानी होगी। हैरानी की बात तो ये है कि केकड़े के शरीर पर मौजूद रोंए भी बिल्कुल सुरक्षित हैं। इस खोज ने वैज्ञानिकों को भी हैरान कर दिया है। एक्स-रे की मदद से वैज्ञानिकों ने केकड़े का थ्रीडी मॉडल भी तैयार कर लिया है।