भुखमरी से जूझ रहा उत्तर कोरिया:  “किम जोंग उन” ने काले हंस का मीट खाने का जारी किया फरमान

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प्योंगयांग: कुख्यात तानाशाह किम जोंग उन ने अपने सनक भरे फैसलों से उत्तर कोरिया को भुखमरी के मुहाने पर ला खड़ा किया है और कल किम जोंग उन ने देश के लोगों को आदेश किया था कि, सभी नागरिक साल 2025 तक कम खाना खाएंगे। जिसके बाद अब एक बार फिर से सनकी किम जोंग उन ने देश की जनता के लिए अगले एक साल के खाने का मेन्यू जारी किया है, जिसमें उसने उत्तर कोरिया के लोगों को भोजन की कमी दूर करने और स्वादिष्ठ भोजन करने के लिए ‘काले हंस’ के मांस को खाने के लिए कहा है।

मेन्यू में काले हंस की मीट

उत्तर कोरिया की सरकारी मीडिया ने कहा है कि, उत्तर कोरिया के सबसे बड़े बत्तख फर्म में भारी संख्या में काले हंसों को पाला जा रहा है और प्रजनन कराया जा रहा है, ताकि उसका औद्योगिक इस्तेमाल किया जा सके। सरकारी मीडिया ने कहा है कि, उत्तर कोरिया के लोग बेहद स्वादिष्ट काले हंस का मीट खाएं। यह कदम उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन द्वारा उत्तर कोरियाई लोगों को चेतावनी देने के एक दिन बाद आया है कि, जब तक उत्तर कोरिया 2025 में चीन के साथ अपनी सीमाओं को फिर से नहीं खोल देता, तब तक देश के लोगों को कम खाना खाने के लिए कहा गया है।

भयानक भुखमरी से जूझता उत्तर कोरिया

किम जोंग उन की हथियारों की सनक की वजह से उत्तर कोरिया भीषण खाद्य संकट और बेहद खराब अर्थव्यवस्था से जूझ रहा है। लेकिन अब अधिकारियों का कहना है कि ‘स्वादिष्ट’ काले हंस का मांस लाजवाब है, और उत्तर कोरिया के अधिकारियों ने दावा किया है कि, लोगों के लिए यह ‘असाधारण स्वास्थ्य भोजन’ है। जोंगफ्योंग काउंटी के क्वांगफो डक फार्म में काले हंसों का बाड़ा बनाया गया है, जहां काले हंसों को पाला जाएगा। हंसों के इस बाड़े को खोलने के लिए एक आधिकारिक समारोह आयोजित किया गया था। देश की सरकारी मीडिया कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी ने कहा है कि, ‘ब्लैक स्वान मीट स्वादिष्ट होता है और इसका औषधीय महत्व होता है,’ जबकि पक्षी का औद्योगिक प्रजनन ‘लोगों के जीवन स्तर में सुधार’ करेगा।

काले हंस की मीट खाने का फरमान

सरकारी न्यूज एजेंसी केसीएनए ने कहा कि, बाड़े में शेड के कई ब्लॉक हैं, जिसमें युवा पक्षियों के लिए एक ब्लॉक बनाया गया है जहां बड़े पैमाने पर पक्षियों का प्रजनन कराया जा रहा है। राज्य मीडिया ने कहा कि, “इस फॉर्म के जरिए एक दुर्लभ सजावटी पक्षी के औद्योगिक प्रजनन के माध्यम से लोगों के जीवन स्तर में सुधार के लिए एक आधार प्रदान किया है।” रविवार को दक्षिण हामग्योंग प्रांत के मुख्य पार्टी सचिव री जोंग नामी ने बतख फार्म में ब्लैक स्वान सेंटर खोलने के समारोह का नेतृत्व किया। राज्य के मीडिया ने पहले कहा है कि, काले हंस का मांस ‘एक अद्वितीय स्वाद और अत्यंत उच्च पोषण क्षमता के साथ 21 वीं सदी का एक असाधारण भोजन’ है।

2019 में काले हंस पर रिसर्च का दावा

वहीं, दक्षिण कोरियाई न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, 2019 में काले हंसों के प्रजनन पर अनुसंधान शुरू किया गया था और तब से सैटेलाइट की तस्वीरों से पता चला कि क्वांगफो डक फार्म में एक नई निर्माण परियोजना चल रही थी। वहीं, उत्तर कोरिया के कृषि मंत्रालय के एक रिसर्चर ने 2020 में केसीएनए को बताया कि, काले हंस के मांस में अन्य मांस की तुलना में अधिक प्रोटीन होता है और यह पचाने में आसान होता है, साथ ही इसमें ‘एंटीकैंसर’ गुण भी होते हैं। हालांकि, अभी तक ये साफ नहीं हो पाया है कि, देश में कहीं और काले हंस के बाड़े बनाए जा रहे हैं नहीं, या फिर मांस कैसे वितरित किया जाएगा।

भीषण संकट में कैसे उत्तर कोरिया

आपको बता दें कि, पिछले साल कोरोना महामारी की शुरूआत के बाद जनवरी 2020 में ही उत्तर कोरिया ने देश की सीमाओं को पूरी तरह से सील कर दिया है और उत्तर कोरिया में उसके बाद से कोई भी शख्स दाखिल नहीं हो पाया है। वहीं, उत्तर कोरिया में तमाम जरूरत की सामानों की सप्लाई चीन से की जाती थी, लेकिन उत्तर कोरिया ने चीन की सीमाओं को भी बंद कर रखा है और पिछले दो सालों से उत्तर कोरिया ने चीन से एक सुई भी नहीं मंगाया है, जिसकी वजह से देश में भारी संकट पैदा हो गया है।

2025 तक बॉर्डर बंद

अब उत्तर कोरिया के अधिकारियों ने कहा है कि, कम से कम तीन साल तक चीन के साथ सीमा को और नहीं खोला जाएगा और लोगों ने पहले ही शिकायत कर दी है कि, खाने की कमी के कारण इसी सर्दी में लोगों का बचना मुश्किल हो जाएगा, तीन साल की बात को दूर ही है। उत्तर कोरिया सरकार के इस कदम का देश की अर्थव्यवस्था पर गंभीर प्रभाव पड़ा है रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतों में भीषण उछाल आया है।