जज बना रहा था 14 वर्षीय बच्चे को अपनी हवस का शिकार- मुँह बंद रखने को DSP भी धमका रहा था बार-बार,आखिरकार जल्लाद जज हो ही गया गिरफ्तार (वीडियो)

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जयपुर:नाबालिग बच्चे से यौन शोषण (Sexually Abusing) के मामले में भरतपुर पुलिस ने एसीबी कोर्ट के जज जितेंद्र सिंह गुलिया (Jitendra Singh Gulia) को आज गिरफ्तार कर लिया है. जज जितेन्द्र सिंह को जयपुर से गिरफ्तार किया गया है. आरोपी जज को भरतपुर लाया जा रहा है. भरतपुर पुलिस हाईकोर्ट प्रशासन की अनुमति लेकर कल से ही जज गुलिया से जयपुर में पूछताछ कर रही थी. उसके बाद आज गिरफ्तार कर लिया है. वहीं पीड़ित मासूम के भी 164 के बयान होंगे. पीड़ित को एम्बुलेंस आगरा से भरतपुर लाया गया है. पीड़ित बच्चे की तबीयत खराब होने के कारण उसका आगरा में इलाज चल रहा था.

जज द्वारा बच्चे के साथ यौन शोषण के मामले का दो-तीन पहले ही खुलासा हुआ था. इस संबंध में पीड़ित के परिजनों ने न्यायिक अधिकारी जितेन्द्र सिंह के खिलाफ भरतपुर के मथुरा गेट थाने में सामूहिक दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट मामला दर्ज कराया था. उसके बाद जितेन्द्र सिंह गुलिया ने भी पीड़ित के परिजनों के खिलाफ ब्लैकमेल करने का मामला दर्ज कराया था. आरएचजेएस अधिकारी जितेन्द्र सिंह गुलिया भरतपुर में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की विशेष कोर्ट में पदस्थापित थे. उनके खिलाफ मामला दर्ज होने के बाद हाईकोर्ट प्रशासन ने गुलिया को निलंबित कर दिया था.

जितेन्द्र सिंह पर यह है आरोप
पीड़ित के परिजनों का आरोप है न्यायिक अधिकारी जितेन्द्र सिंह गुलिया बच्चे को घर ले जाकर उसका यौन शोषण करता था. इसमें उसके साथ उसके दो कर्मचारी भी शामिल हैं. गुलिया और पीड़ित बच्चे की मुलाकात टेनिस कोर्ट में हुई थी. उसके बाद बच्चे के यौन शोषण का सिलसिला शुरू हुआ था.

देखिये क्या बोले जज 

दो वीडियो वायरल हुये थे
घटना का खुलासा होने के बाद इसके दो वीडियो वायरल हुये थे. इन वायरल वीडियो में जितेन्द्र सिंह गुलिया पीड़ित बच्चे और उसकी मां से माफी मांगते हुये नजर आ रहा है. इन वीडियो में पीड़ित बच्चा जितेन्द्र सिंह गुलिया पर यौन शोषण के गंभीर आरोप लगाते हुये अपनी आपबीती बता रहा है. वहीं जितेन्द्र सिंह से माफी मांगता हुआ नजर आ रहा है.

एसीबी उपाधीक्षक पर लगे थे धमकाने के आरोप
इस मामले में पीड़ित परिवार का आरोप है एसीसी के उपाधीक्षक परमेश्वरलाल यादव ने उनको धमकाया. इस प्रकरण में बाद में राज्य सरकार ने परमेश्वरलाल यादव को भी तत्काल ही निलंबित कर दिया गया था. राज्य बाल आयोग ने इस केस की पूरी रिपोर्ट तलब की है.