देवस्थानम बोर्ड भंग करने की मांग को लेकर “आप” का पैदल मार्च…

Share on facebook
Share on twitter
Share on linkedin

देहरादून: आम आदमी पार्टी के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार कर्नल अजय कोठियाल ने कहा कि देवस्थानम बोर्ड भंग करने की मांग को लेकर पार्टी की ओर से प्रदेशभर में जेल भरो आंदोलन शुरू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आप की सरकार बनने पर कलम से पहला फैसला देवस्थानम बोर्ड भंग करने का किया जाएगा।  इस क्रम में बुधवार को राजधानी देहरादून, ऋषिकेश और हरिद्वार में आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने पैदल मार्च निकाला और विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान भाजपा सरकार के विरुद्ध जमकर नारेबाजी भी की गई।

पांच नवंबर को केदारनाथ आ रहे हैं  प्रधानमंत्री

मंगलवार को नगर के एक होटल में पत्रकारों से वार्ता में आप नेता कर्नल अजय कोठियाल ने कहा कि प्रधानमंत्री पांच नवंबर को केदारनाथ आ रहे हैं। वह पहले भी आ चुके हैं। केदारनाथ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बहुत भावनाएं जुड़ी हैं और वह शिवभक्त हैं। ऐसे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मांग करते हैं कि वह से प्रदेश सरकार को बोलें कि देवस्थानम बोर्ड को भंग करें। देवस्थानम बोर्ड पूरे प्रदेश को प्रभावित करता है, क्योंकि प्रदेश में रोजगार का सबसे बड़ा साधन चारधाम यात्रा है। मगर सभी यात्राएं इसके कारण फेल हो रही हैं। जिससे लोगों को रोजगार नहीं मिल रहा है।

जब तक बोर्ड भंग नहीं हो जाएगा जेल भरो आंदोलन चलेगा

कर्नल अजय कोठियाल ने कहा कि बोर्ड को भंग करने के लिए से प्रदेशभर में जेल भरो आंदोलन तब तक चलेगा, जब तक बोर्ड भंग नहीं हो जाएगा। वह स्वयं केदारनाथ जा रहे हैं, जहां उन्हें तीर्थ-पुरोहितों ने बुलाया है। इसलिए वह केदारनाथ से जेल भरो आंदोलन की शुरूआत करेंगे। हरिद्वार में भी जेल भरो आंदोलन को शुरू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत को केदारनाथ के दर्शन तीर्थ पुरोहितों ने नहीं करने दिए। यदि वह तीर्थ पुरोहितों से माफी मांग लेते तो वह बहुत ही दयालु हैं और उन्हें माफ कर बाबा केदारनाथ के दर्शन करने देते।  उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से भी देवास्थानम बोर्ड भंग करने के लिए महज खाना पूर्ति की जा रही है। एक कमेटी बनाई गई है। जिससे केदारनाथ के कपाट बंद होने से वह अब ठंडे बस्ते में चली जाएगी। इसलिए देवस्थानम के लिए आप संघर्ष करेगी। इस मौके पर महामंडलेश्वर ललितानंद, हेमा भंडारी आदि मौजूद रहे।