9 नवंबर “राज्य स्थापना दिवस” से होगी उत्तराखंड गौरव पुरस्कार की शुरूआत, पढ़िये सीएम धामी का क्या है प्लान…

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देहरादून: उत्तराखंड में विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले पांच लोगों को इस बार नौ नवंबर (राज्य स्थापना दिवस) पर उत्तराखंड गौरव पुरस्कार देकर सम्मानित किया जाएगा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के मुताबिक नौ नवंबर को आयोजित होने वाले राज्य स्थापना दिवस समारोह को गरिमा के साथ आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास पर आयोजित बैठक में बताया कि राज्य स्थापना दिवस को उत्तराखंड महोत्सव के रूप में मनाया जाएगा। एक सप्ताह तक आयोजित होने वाले इस महोत्सव के दौरान राजधानी से लेकर न्याय पंचायत स्तर तक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।


उन्होंने बताया कि कार्यक्रमों की संख्या नहीं गुणवत्ता एवं गरिमा पर ध्यान देने की बात अधिकारियों से कही गई है। मुख्यमंत्री ने वीडिया कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े आयुक्तों एवं जिलाधिकारियों से जनपदों में आयोजित हाने वाले कार्यक्रमों की जानकारी प्राप्त की। साथ ही निर्देश दिए कि सभी अधिकारी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की राज्य हित से जुड़ी अपेक्षाओं के अनुरूप विकास योजनाओं के क्रियान्वयन को पूरा करने के लिए अपने विवेक एवं अनुभवों का भी उपयोग करें। मुख्यमंत्री ने राज्य के विकास का विभागवार वीजन भी तैयार करने को कहा। बैठक में सचिव सामान्य प्रशासन विभाग विनोद कुमार सुमन ने प्रस्तावित कार्यक्रमों की रूपरेखा प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि 21वें राज्य स्थापना दिवस समारोह के विशेष अवसर पर नौ नवंबर को प्रात: 9:55 से 11:30 बजे तक पुलिस लाइन, देहरादून में उत्तराखंड पुलिस के जवानों की ओर से परेड की जाएगी। परेड की सलामी राज्यपाल लेंगे। इसके बाद राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री का संबोधन होगा।

उन्होंने कहा कि शीघ्र ही सभी विभागों एवं जिलाधिकारियों को बैठक में लिए गए निर्णयों से अवगत करा दिया जाएगा, ताकि इस अवसर पर आयोजित होने वाले कार्यक्रमों को बेहतर ढंग से आयोजित किया जा सके। बैठक में कैबिनेट मंत्री डॉ.धन सिंह रावत, स्वामी यतीश्वरानन्द, मुख्य सचिव डॉ.एसएस संधू, अपर मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार, अपर प्रमुख सचिव अभिनव कुमार, सचिव वीवीआरसी पुरुषोतम, एसए मुरूगेशन, महानिदेशक सूचना रणवीर सिंह चौहान सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

उत्तराखंड में पहली बार होगा जनजाति महोत्सव

जनजातीय संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्द्धन के लिए पहली बार उत्तराखंड में 11 से 13 नवंबर तक जनजाति महोत्सव आयोजित किया जाएगा। ओएनजीसी परिसर कौलागढ़ में आयोजित होने वाले इस महोत्सव में उत्तराखंड समेत अन्य राज्यों के जनजातीय कलाकार व शिल्पकार भाग लेंगे। जनजाति शोध संस्थान एवं संग्रहालय के निदेशक एसएस टोलिया ने बताया कि जनजातीय कार्य मंत्रालय और उत्तराखंड जनजाति शोध संस्थान के सहयोग से प्रदेश में पहली बार जनजाति महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। इस महोत्सव के माध्यम से जनजातीय कला, संस्कृति और हस्तशिल्प का प्रचार प्रसार किया जाएगा। महोत्सव में उत्तराखंड की पांच जनजातियां थारू, बुक्सा, जौनसारी, भोटिया व राजी के अलावा अन्य प्रदेशों से जनजातीय कलाकार व शिल्पकार अपने परंपरागत हस्त निर्मित उत्पादों के साथ भाग लेंगे। महोत्सव के माध्यम से जनजातीय हस्तशिल्प उत्पादों की बिक्री के लिए एक मंच मिलेगा। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में मुनस्यारी, खटीमा, बाजपुर, जोशीमठ समेत अन्य स्थानों पर भी इस प्रकार के महोत्सव आयोजित किए जाएंगे।