देहरादून: अगले माह 14 दिसंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में एआईसीसी बिहार चुनाव अभियान की तरह ही ‘वोट चोर, गद्दी छोड़’ रैली करने जा रही है. रैली को सफल बनाने के लिए उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस ने गुरुवार को एक प्रदेश स्तरीय संचालन समिति गठित कर दी है. इस समिति में प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने सभी बड़े नेताओं को शामिल किया है. प्रदेश स्तर पर व्यापक रूप से जिला और महानगर के नेताओं व विधायकों को पर्यवेक्षक बनाया गया है.
कांग्रेस की दिल्ली रैली की तैयारी: पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल की अध्यक्षता में गठित की गई समिति में नेता प्रतिपक्षत यशपाल आर्या सहित पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, प्रदेश चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष प्रीतम सिंह, सीडब्ल्यूसी सदस्य करन माहरा, प्रदेश चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष हरक सिंह रावत, राष्ट्रीय सचिव काजी निजामुद्दीन को शामिल किया गया है.
कांग्रेस नेता बनाए गए पर्यवेक्षक: दिल्ली में होने जा रही रैली को सफल बनाने के लिए प्रदेश स्तर पर व्यापक तैयारियां शुरू कर दी गई हैं. कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं को जिम्मेदारियां देने के साथ ही जिला व महानगर स्तर के नेताओं को पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया है. उत्तरकाशी के पुरोला से बिहारी लाल, उत्तरकाशी से दिनेश गौड़, रुद्रप्रयाग जिले से प्रदीप थपलियाल, कोटद्वार से रघुवीर सिंह बिष्ट, महानगर कोटद्वार से पूर्व मंत्री सुरेंद्र सिंह नेगी, पौड़ी से कविंद्र, टिहरी से विधायक विक्रम सिंह नेगी, चमोली से मुकेश नेगी जो पूर्व जिला अध्यक्ष भी रहे हैं को जिम्मेदारी सौंपी गई है.
इनको मिली जिम्मेदारी: इसके अलावा देवप्रयाग से पूर्व मंत्री मंत्री प्रसाद नैथानी, हरिद्वार महानगर से विधायक रवि बहादुर जबकि हरिद्वार ग्रामीण से विधायक अनुपमा रावत को जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं. इसी तरह रुड़की महानगर से सचिन गुप्ता, रुड़की ग्रामीण से विधायक फुरकान अहमद, रुद्रपुर से विधायक तिलक राज बेहड़, हल्द्वानी से विधायक सुमित हृदयेश, अल्मोड़ा से विधायक मनोज तिवारी, पिथौरागढ़ से विधायक हरीश धामी विधायक समेत कई और नेताओं को भी कांग्रेस पार्टी ने पर्यवेक्षक नियुक्त किया है.
पर्यवेक्षक करेंगे ये व्यवस्था: गणेश गोदियाल ने बताया कि पर्यवेक्षकों को समुचित व्यवस्थाएं करने, कार्यकर्ताओं से समन्वय स्थापित करने, परिवहन व्यवस्था करने के साथ-साथ रैली में अधिक से अधिक संख्या में भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है. समग्र मार्गदर्शन के लिए यह सभी पर्यवेक्षक अपने प्रभार वाले निर्धारित क्षेत्र में रैली से संबंधित सभी व्यवस्थाओं के संचालन से लेकर निगरानी और रिपोर्टिंग का दायित्व संभालेंगे.
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