June 9, 2026 12:55 pm

विकास परियोजनाओं में देरी बर्दाश्त नहीं, लापरवाह अधिकारियों पर होगी सख्त कार्रवाई: सीएम धामी

देहरादून: उत्तराखंड में विकास परियोजनाओं को समय पर पूरा करने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को सख्त संदेश दिया है। सोमवार को सचिवालय में प्रगति पोर्टल के माध्यम से 6949.61 करोड़ रुपये की लागत वाली 12 प्रमुख परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि परियोजनाओं में अनावश्यक देरी पर संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय कर नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि जिन परियोजनाओं का 50 प्रतिशत से अधिक कार्य पूरा हो चुका है, उन्हें 15 अक्टूबर 2026 तक हर हाल में पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत-2047 के संकल्प को साकार करने में राज्य की महत्वपूर्ण परियोजनाओं का समयबद्ध क्रियान्वयन बेहद जरूरी है।

बैठक में परिवहन, ऊर्जा, लोक निर्माण विभाग, राष्ट्रीय राजमार्ग और सीमा सड़क संगठन सहित विभिन्न विभागों की परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि चारधाम यात्रा, सीमांत क्षेत्रों की सामरिक सड़कें, विद्युत अवसंरचना और परिवहन सुविधाओं से जुड़ी परियोजनाएं राज्य के विकास की आधारशिला हैं। इनके पूरा होने से पर्यटन, व्यापार, निवेश और रोजगार को नई गति मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने परियोजनाओं की निगरानी के लिए नई व्यवस्था भी तय की। अब मुख्यमंत्री स्तर पर हर महीने और मुख्य सचिव स्तर पर प्रत्येक 10 दिन में इन परियोजनाओं की समीक्षा की जाएगी। जिन परियोजनाओं की प्रगति संतोषजनक नहीं होगी, उनके लिए विशेष कार्ययोजना तैयार की जाएगी।

उन्होंने वन भूमि हस्तांतरण, पर्यावरणीय स्वीकृतियों, भूमि अधिग्रहण और क्षतिपूर्ति भुगतान से जुड़े लंबित मामलों के त्वरित निस्तारण के लिए संबंधित विभागों को स्पष्ट समयसीमा तय कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। साथ ही जिलाधिकारियों को भी जिला स्तर पर लंबित प्रकरणों की नियमित निगरानी कर शीघ्र समाधान सुनिश्चित करने को कहा।

समीक्षा बैठक में हरिद्वार ग्रीनफील्ड स्पर परियोजना, हरिद्वार बाइपास चौड़ीकरण, काशीपुर बाइपास, अस्कोट-लिपुलेख सड़क उन्नयन, माणा पास मार्ग, चारधाम परियोजना के विभिन्न पैकेज, बनबसा और रुद्रप्रयाग के 220 केवी विद्युत उपकेंद्र, रामनगर अंतरराज्यीय बस टर्मिनल, ताड़ीखेत डिपो एवं रानीखेत बस टर्मिनल समेत कुल 12 प्रमुख परियोजनाओं की प्रगति पर विस्तार से चर्चा की गई।