April 12, 2024 11:24 pm

3 चोरों ने मिलकर कार चुराई, मगर किसी को चलानी नहीं आई, धकेलकर ले गए 10 किमी दूर, जानिए क्या हुआ, जब थक-कर हो गए चूर?

कानपुर: आजकल चोर बड़े ही हाईटेक हो गए हैं। चोरी से पहले उसका पूरा ब्लूप्रिंट बना लेते हैं। कहां से घुसा जाएगा और किस तरह से चोरी को अंजाम दिया जाएगा और चोरी के बाद कहां से फरार हुआ जाएगा। यह सब पहले ही प्लान कर लिया जाता है। कुछ ऐसा ही हुआ उत्तर प्रदेश के कानपुर में। यहां 3 चोरों ने एक घर से गाड़ी  चुराने का प्लान बनाया। सबकुछ प्लान के अनुसार चल रहा था, गाड़ी चुरा भी ली गई। लेकिन असली समस्या पैदा हुई गाड़ी को चुरा लेने के बाद।

धक्का देते-देते हिम्मत और ताकत दे गई जवाब 

अब आप सोच रहे होंगे कि किसी ने चोरी करते हुए पकड़ लिया होगा? या फिर गाड़ी ख़राब होगी या उसमे तेल ही नहीं होगा। नहीं ऐसा बिलकुल नहीं। गाड़ी भी ठीक थी, उसमें तेल भी था, लेकिन दिक्कत यह थी तीनों चोरों में से किसी को भी गाड़ी चलाई ही नहीं आती थी। तीनों ने बड़ी ही सावधानी से गाड़ी को चुरा तो लिया लेकिन कोई चलाना ही नहीं जानता था। फिर क्या, तीनों ने उसमें धक्का लगाना शुरू किया, लेकिन कब तक वह धक्का लगाते? लगभग 10 किलोमीटर तक धक्का देते हुए वह ले गए और फिर तीनों की हिम्मत और ताकत जवाब दे गई।

2 चोर करते हैं पढ़ाई तो एक कंपनी में काम 

जब तीनों की ताकत ने जवाब दे दिया तो गाड़ी को छोड़ कर चले गए। हालांकि पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर लिया है। ये मामला उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले का है। यहां के डबौली इलाके में तीन चोर एक मारुति वैन को चुराने के लिए पहुंचे थे। चोरों में दो कॉलेज में पढ़ने वाले छात्र हैं, जबकि एक शख्स अन्य था। जब तीनों को पता लगा कि उन्होंने गाड़ी चुरा तो ली है लेकिन चलाना किसी को नहीं आता है तो उन्होंने प्लान चेंज किया और उसे धक्का देकर ले जाने लगे। तीनों चोर गाड़ी को डबौली से कल्याणपुर तक करीब 10 किमी तक धक्का देकर ले गए। धीरे-धीरे तीनों का शरीर जवाब दे गया। आखिरकार तीनों ने हार मान ली और गाड़ी को रास्ते में ही छोड़कर फरार हो गए।

एक वेबसाइट बनाकर बेचते चोरी के वाहन, लेकिन…

कानपुर पुलिस ने मंगलवार को तीन चोरों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों की पहचान सत्यम कुमार, अमन गौतम और अमित वर्मा के रूप में हुई है। सत्यम महाराजपुर के एक इंजीनियरिंग कॉलेज से बीटेक कर रहा है, वहीं अमन डीबीएस कॉलेज से बीकॉम फ़ाइनल ईयर का छात्र है। इसके साथ ही तीसरा चोर अमित एक कम्पनी में काम करता है। पुलिस ने बताया कि इस वाहन को वह आरोपी सत्यम के द्वारा बनाई जा रही वेबसाइट के जरिए बेचने के प्लान में थे। सत्यम एक वेबसाइट बना रहा था, जिसपर चोरी किए गए वाहनों को बेचा जाता। लेकिन ऐसा कुछ हो पाता उससे पहले वो पुलिस के द्वारा दबोच लिए गए।