देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि कल्याण पत्रिका न केवल पिछले सौ वर्षों से हमारे भीतर आध्यात्मिक चेतना और भारतीय जीवन मूल्यों को प्रदीप्त कर रही है, बल्कि नैतिकता, सदाचार और सांस्कृतिक चेतना के विकास में भी अत्यंत महत्वपूर्ण योगदान दे रही है।
बुधवार को स्वर्गाश्रम स्थित गीता भवन में आयोजित कल्याण शताब्दी समारोह में सीएम धामी ने शिरकत की। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार आत्मनिर्भर राष्ट्र बनाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। आज देश में विघटनकारी शक्तियां सिर उठाने का साहस नहीं कर पा रही हैं। केंद्र सरकार के अथक प्रयासों का प्रतिफल है कि आज देश सहकारिता के क्षेत्र में भी अद्वितीय प्रगति कर रहा है।
धामी ने कहा कि गीता प्रेस पिछले सौ वर्षों से हमारी सनातन संस्कृति, धर्मग्रंथों और भारतीय ज्ञान परंपरा के संरक्षण और संवर्धन में अतुलनीय योगदान देती आ रही है। प्राचीन भारत में जब विदेशी शक्तियां वैचारिक भ्रम उत्पन्न कर रही थी, समाज को दिग्भ्रमित करने का काम कर रही थी, तब गीता प्रेस परिवार ने श्रीमद्भगवद्गीता, श्रीरामचरितमानस, उपनिषदों, पुराणों आदि हमारे महान सनातनी ग्रंथों का प्रकाशन कर भारतीय जनमानस को जागृत करने का ऐतिहासिक कार्य किया है।
गीता प्रेस ने 1923 में अपनी स्थापना से अब तक 101 करोड़ से अधिक धार्मिक पुस्तकों का प्रकाशन कर हमारी संस्कृति और ज्ञान परंपरा को संजोकर रखा है। यह हम सभी के लिए गर्व का विषय है कि आज कल्याण पत्रिका के शताब्दी अंक का विमोचन गृह मंत्री अमित शाह के कर-कमलों द्वारा किया गया।
सीएम धामी ने कहा कि हमारी राज्य सरकार देवभूमि उत्तराखंड को देश की आध्यात्मिक राजधानी के रूप में स्थापित करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। हम राज्य में सांस्कृतिक मूल्यों और लोकतंत्र को सुरक्षित करने के लिए भी प्रयासरत हैं।
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