February 25, 2026 6:37 pm

देहरादून: कोर्ट से प्रतिबंधित भूमि की खरीद–फरोख्त पर होगी सख्त कार्रवाई – DM सविन बंसल

देहरादून। न्यायालय से प्रतिबंधित भूमि के अवैध क्रय-विक्रय के मामले में जिलाधिकारी सविन बंसल ने सख्त रुख अपनाया है। डीएम ने भूमि खरीदने और बेचने वालों के खिलाफ थाना शहर कोतवाली में एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं।

क्या है मामला?

मामला मौजा आमवाला तरला स्थित खसरा संख्या 94 ख, 134, 135 और 136 की भूमि से जुड़ा है, जिस पर न्यायालय द्वारा क्रय-विक्रय पर रोक लगाई गई थी।

इसके बावजूद कथित रूप से फर्जी दस्तावेज तैयार कर विलेख संख्या 8614/2025 और 8615/2025 के माध्यम से रजिस्ट्री कराई गई। पीड़ित पक्ष ने इस पर आपत्ति दर्ज कराई।

PACL और गोल्डन फॉरेस्ट से जुड़ा मामला

प्राथमिक जांच में सामने आया कि संबंधित भूमि प्रतिबंधित श्रेणी में आती है और इसका संबंध कथित रूप से

  • PACL (Pearls Agrotech Corporation Limited)
  • Golden Forests India Limited

जैसी कंपनियों की परिसंपत्तियों से भी बताया जा रहा है, जिन पर विभिन्न स्तरों पर पहले से प्रतिबंध लागू हैं।

जांच में यह भी पाया गया कि विक्रेता ने भूमि की वास्तविक स्थिति छिपाकर पंजीकरण कराया, जो न्यायालय के आदेशों की अवहेलना है।

रजिस्ट्रार और एसडीएम को जांच के आदेश

डीएम के निर्देश पर:

  • रजिस्ट्रार, देहरादून और एसडीएम सदर को विलेखों की दोबारा जांच के आदेश दिए गए हैं
  • यदि इन विलेखों के आधार पर दाखिल-खारिज आदेश हुए हैं तो उन्हें निरस्त करने के निर्देश दिए गए हैं
  • सब-रजिस्ट्रार कार्यालय, देहरादून की भूमिका भी जांच के दायरे में है

रजिस्ट्रेशन एक्ट के तहत मुकदमा

Registration Act 1908 की धारा 83 के तहत कूटरचना कर पंजीकरण कराने के मामले में संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कोतवाली में एफआईआर दर्ज कराई गई है।

प्रशासनिक स्तर पर भी कार्रवाई की संभावना जताई गई है और रजिस्ट्रार कार्यालय देहरादून का वृहद निरीक्षण किया जा सकता है।

डीएम का स्पष्ट संदेश

जिलाधिकारी सविन बंसल ने स्पष्ट कहा:

“न्यायालय के आदेशों की अवहेलना और फर्जी दस्तावेजों के आधार पर भूमि लेन-देन किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”

प्रशासन की इस कार्रवाई से भूमि माफियाओं में हड़कंप मच गया है।