February 25, 2026 6:38 pm

4धाम यात्रा 2025 में ट्रैफिक के सफल संचालन के लिये उत्तराखंड को मिला सम्मान, दिल्ली में स्कॉच अवार्ड से सम्मानित होंगे दून के SP ट्रैफिक लोकजीत सिंह

देहरादून: उत्तराखंड पुलिस के लिए गर्व का विषय है कि चारधाम यात्रा 2025 के सफल संचालन हेतु विकसित अभिनव ट्रैफिक एवं कंट्रोल रूम प्रबंधन प्रणाली को प्रतिष्ठित SKOCH Group द्वारा प्रदान किए जाने वाले SKOCH Award के लिए चयनित किया गया है।

युवा पुलिस अधिकारी लोकजीत सिंह को राष्ट्रीय सम्मान

पुलिस अधीक्षक (यातायात), देहरादून लोकजीत सिंह के नेतृत्व में “चारधाम यात्रा 2025 : निर्बाध तीर्थ प्रबंधन हेतु अभिनव कंट्रोल रूम समाधान” नामांकन को नई दिल्ली में आयोजित 106वें SKOCH समिट में 28 मार्च 2026 को सम्मानित किया जाएगा।

यह पुरस्कार शासन एवं विकास के क्षेत्र में परिणाम-आधारित नवाचारों के लिए दिया जाता है।

चारधाम यात्रा 2025: तकनीक-आधारित ट्रैफिक प्रबंधन मॉडल

चारधाम यात्रा के दौरान प्रतिवर्ष लाखों श्रद्धालु उत्तराखंड पहुंचते हैं। वर्ष 2025 में यातायात प्रबंधन को अधिक सुरक्षित, व्यवस्थित और तकनीक-आधारित बनाने के लिए:

  • उन्नत कंट्रोल रूम सिस्टम स्थापित किया गया
  • रियल-टाइम मॉनिटरिंग लागू की गई
  • डिजिटल समन्वय प्रणाली विकसित की गई
  • इंटेलिजेंट रूट डायवर्जन लागू किया गया
  • आपातकालीन प्रतिक्रिया तंत्र को सुदृढ़ किया गया

इन पहलों के परिणामस्वरूप यातायात जाम में कमी, तीर्थयात्रियों की सुरक्षित आवाजाही और संकट की स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की गई।

संकट प्रबंधन में उत्कृष्ट नेतृत्व

चारधाम यात्रा 2025 के दौरान उत्पन्न जटिल परिस्थितियों—जैसे आपदाजनित हालात, सुरक्षा चुनौतियाँ और हेलीकॉप्टर दुर्घटनाओं के समय राहत-बचाव समन्वय—में कंट्रोल रूम ने त्वरित और प्रभावी प्रतिक्रिया दी।

सीमित समय में कंट्रोल रूम की स्थापना और बहु-एजेंसी समन्वय स्थापित कर एसपी लोकजीत सिंह ने प्रशासनिक दक्षता और नेतृत्व क्षमता का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया।

पूर्व उपलब्धियाँ

  • वर्ष 2021 में कोविड प्रबंधन में उत्कृष्ट कार्य हेतु FICCI द्वारा FICCI Smart Policing Award से सम्मानित
  • वर्ष 2024 में चारधाम यात्रा प्रबंधन में उत्कृष्ट सेवाओं के लिए राज्यपाल द्वारा उत्कृष्ट सेवा पदक

पूरे प्रदेश के लिए गौरव का क्षण

यह सम्मान न केवल एक अधिकारी के उत्कृष्ट नेतृत्व की पहचान है, बल्कि उत्तराखंड की प्रशासनिक क्षमता और पुलिस विभाग की प्रतिबद्धता का राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान भी है।

राष्ट्रीय स्तर पर प्राप्त यह उपलब्धि उत्तराखंड पुलिस के लिए प्रेरणास्रोत है और भविष्य में नवाचार आधारित पुलिसिंग को और अधिक प्रोत्साहित करेगी।