रुड़की। अमेरिका और इजराइल की ओर से ईरान पर हमलों के बाद मंगलौर क्षेत्र के लोगों की चिंता गहराने लगी है। कोतवाली क्षेत्र के जैनपुर झंझेडी, टांडा भनेड़ा, मोहल्ला हल्का, पठानपुरा समेत कई इलाकों के 50 से अधिक युवक इस समय ईरान में फंसे बताए जा रहे हैं।
इनमें कुछ रोज़गार के सिलसिले में गए हैं तो कई युवक दीनी तालीम हासिल करने के लिए ईरान में रह रहे हैं। स्थानीय शिया समुदाय के धर्मगुरु मौलाना शिफ्ते हसन ने बताया कि उनका बेटा भी ईरान में शिक्षा ग्रहण कर रहा है। सुबह करीब पांच बजे उनसे बातचीत हुई, जिसमें उसने सभी के सुरक्षित स्थानों पर होने की जानकारी दी।
कई गांवों के युवक और परिवार प्रभावित
जानकारी के अनुसार जैनपुर झंझेडी गांव से छह लोग ईरान में मौजूद हैं, जबकि तीन लोगों की पत्नियां भी वहीं पर हैं। मोहल्ला हल्का के चार युवक और मोहल्ला पठानपुरा की तीन युवतियां भी ईरान में फंसी हुई हैं। इसके अलावा रुड़की शहर के तीन परिवार भी वहां रह रहे हैं, हालांकि वे 22 वर्ष पूर्व ही भारत से ईरान में बस गए थे।
परिजनों का कहना है कि फिलहाल संपर्क बना हुआ है, लेकिन हालात को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है, जिससे चिंता स्वाभाविक है।
समुदाय में शोक और दुआओं का दौर
वहीं शिया समुदाय में ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामनेई के शहीद होने की खबरों को लेकर शोक और रंज का माहौल बताया जा रहा है। मस्जिदों और इमामबाड़ों में मजलिस आयोजित कर दुआएं की जा रही हैं।
स्थानीय लोग केंद्र सरकार से अपील कर रहे हैं कि ईरान में रह रहे भारतीयों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं।