हरिद्वार: उत्तराखंड की राजनीति में पिछले कुछ समय से मुख्यमंत्री बदलने की चर्चाएं लगातार सुर्खियों में थीं। कभी विपक्ष तो कभी पार्टी के भीतर से ऐसी अटकलें सामने आती रहती थीं। हालांकि मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami समय-समय पर इन अफवाहों को खारिज करते रहे।
इसी बीच हरिद्वार दौरे पर पहुंचे केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah ने इन चर्चाओं पर विराम लगाने जैसा संकेत दिया। ‘धामी सरकार के 4 साल बेमिसाल’ कार्यक्रम के दौरान अमित शाह और मुख्यमंत्री धामी के बीच दिखी शानदार बॉन्डिंग ने राजनीतिक हलकों में कई संदेश दिए।
अमित शाह ने की धामी सरकार की तारीफ
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अमित शाह ने मुख्यमंत्री धामी के कामकाज की सराहना की। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में धामी के नेतृत्व में राज्य दिन-दूनी रात-चौगुनी तरक्की कर रहा है।
अमित शाह ने कहा कि पहले नौकरी के लिए सिफारिश और रिश्वत की बातें सामने आती थीं, लेकिन अब बिना “पर्ची और खर्ची” के युवाओं को रोजगार मिल रहा है। उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों के समय भ्रष्टाचार के कई आरोप लगे थे और दलित छात्रवृत्ति घोटाले जैसे मामले भी सामने आए थे, जबकि धामी सरकार ने इन पर लगाम लगाई है।
समान नागरिक संहिता लागू करने पर दी बधाई
अमित शाह ने कहा कि धामी सरकार ने नकल विरोधी कानून लागू कर युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने का काम किया है। इसके साथ ही उत्तराखंड देश का पहला राज्य बना, जहां Uniform Civil Code लागू किया गया। उन्होंने कहा कि इससे सभी नागरिकों के लिए समान कानून की व्यवस्था सुनिश्चित होगी और जनसांख्यिकी में अप्राकृतिक वृद्धि पर भी नियंत्रण में मदद मिलेगी।
राजनीतिक संदेश भी साफ
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि अमित शाह और सीएम धामी की मंच पर दिखी नजदीकी ने यह संकेत दिया है कि फिलहाल मुख्यमंत्री बदलने की चर्चाओं का कोई आधार नहीं है। भाजपा नेतृत्व में प्रधानमंत्री Narendra Modi के साथ अमित शाह की अहम भूमिका है, ऐसे में उनकी सार्वजनिक प्रशंसा को मुख्यमंत्री के लिए मजबूत संदेश माना जा रहा है।
धामी सरकार के प्रमुख फैसले
मुख्यमंत्री धामी के दूसरे कार्यकाल को 23 मार्च को चार वर्ष पूरे होने जा रहे हैं। इस दौरान सरकार ने कई अहम फैसले लिए हैं। इनमें नकल विरोधी कानून, समान नागरिक संहिता, धर्मांतरण कानून, ड्रग्स फ्री उत्तराखंड अभियान, भूमि कानून, वैश्विक निवेशक सम्मेलन और मानसखंड मंदिर माला मिशन के तहत कई पौराणिक मंदिरों के जीर्णोद्धार जैसे कदम शामिल हैं।
कानून व्यवस्था में भी मिला राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान
इसी दिन National Crime Records Bureau द्वारा जारी प्रगति डैशबोर्ड में उत्तराखंड को इंटर ऑपरेबल क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम के राष्ट्रीय कार्यान्वयन में देश में पहला स्थान मिला है। राज्य ने 93.46 अंकों के साथ यह उपलब्धि हासिल की है, जो कानून व्यवस्था के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।