देहरादून: भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के उत्तराखंड दौरे से पहले पार्टी के भीतर चल रही राजनीतिक खींचतान एक बार फिर सुर्खियों में है। संगठनात्मक गतिविधियों के बीच नेताओं की लगातार मुलाकातों ने सियासी हलकों में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है।
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन 28 से 30 मई तक उत्तराखंड के दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वे संगठनात्मक बैठकों के साथ वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं से संवाद करेंगे। लेकिन दौरे से ठीक पहले प्रदेश की राजनीति में बढ़ी हलचल ने पार्टी के भीतर सब कुछ सामान्य होने के दावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पिछले कुछ समय से भाजपा विधायक अरविंद पांडे से जुड़े विवाद और उनके बयानों को लेकर पार्टी के भीतर असहज स्थिति बनी रही है। अब राष्ट्रीय अध्यक्ष के दौरे से पहले गदरपुर स्थित उनके आवास पर वरिष्ठ नेताओं की लगातार मुलाकातों ने इन चर्चाओं को और तेज कर दिया है।
हाल ही में भाजपा के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी और गढ़वाल सांसद अनिल बलूनी तथा पूर्व मुख्यमंत्री और हरिद्वार सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत की अरविंद पांडे से मुलाकात हुई। इन बैठकों की तस्वीरें सामने आने के बाद राजनीतिक हलकों में तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे हैं।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इन मुलाकातों को केवल शिष्टाचार भेंट मानना कठिन है, क्योंकि इन्हें पार्टी के आंतरिक समीकरणों से जोड़कर देखा जा रहा है। इससे भाजपा के भीतर चल रही खींचतान को लेकर नई बहस छिड़ गई है।
सूत्रों के अनुसार, 27 मई को मुख्यमंत्री आवास पर भाजपा के वरिष्ठ नेताओं की एक अहम बैठक भी प्रस्तावित है। इस बैठक में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट, सांसद अनिल बलूनी, पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत और संगठन से जुड़े वरिष्ठ पदाधिकारी शामिल हो सकते हैं।
माना जा रहा है कि इस बैठक में पार्टी के भीतर मतभेदों को कम करने और राष्ट्रीय अध्यक्ष के दौरे से पहले एकजुटता का संदेश देने पर विशेष जोर दिया जाएगा। हालांकि, प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट लगातार किसी भी प्रकार की गुटबाजी से इनकार कर रहे हैं।
फिलहाल, राष्ट्रीय अध्यक्ष के दौरे से पहले लगातार बढ़ रही राजनीतिक गतिविधियों ने यह संकेत जरूर दे दिया है कि भाजपा संगठन इस मामले को गंभीरता से ले रहा है। अब सबकी नजर 27 मई की बैठक और उसके बाद होने वाले दौरे पर टिकी हुई है।