देहरादून: उत्तराखंड पुलिस महानिदेशक (DGP) दीपम सेठ के लिए एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक उपलब्धि सामने आई है। कैबिनेट की नियुक्ति समिति (ACC) ने 1995 बैच के आईपीएस अधिकारी दीपम सेठ को केंद्र सरकार में डीजी (DG) और डीजी समकक्ष पदों के लिए एम्पैनल कर दिया है। इसके साथ ही वह केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों, विभागों और केंद्रीय सुरक्षा संगठनों में डीजी स्तर की जिम्मेदारियां संभालने के लिए पात्र हो गए हैं।
दीपम सेठ वर्ष 2024 में उत्तराखंड के 13वें पुलिस महानिदेशक बने थे। उनके नाम को देशभर के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों की उस सूची में शामिल किया गया है, जिन्हें सेवा रिकॉर्ड, अनुभव और कार्य प्रदर्शन के आधार पर उच्च पदों के लिए चयनित किया गया है।
एम्पैनलमेंट का क्या मतलब?
एम्पैनलमेंट का अर्थ किसी अधिकारी की तत्काल नियुक्ति नहीं, बल्कि उसे केंद्र सरकार में उस स्तर के पदों पर नियुक्ति के लिए पात्र घोषित करना होता है। यानी दीपम सेठ अब भविष्य में यदि केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर भेजे जाते हैं तो उनकी नियुक्ति डीजी या डीजी समकक्ष पदों पर ही की जा सकेगी।
क्या दिल्ली जाएंगे दीपम सेठ?
एम्पैनलमेंट के बाद प्रशासनिक हलकों और सोशल मीडिया में उनके केंद्र जाने की चर्चाएं तेज हो गई हैं, लेकिन फिलहाल ऐसी किसी नियुक्ति का कोई आधिकारिक संकेत नहीं है। केंद्रीय प्रतिनियुक्ति के लिए केंद्र सरकार का प्रस्ताव, राज्य सरकार की सहमति और संबंधित अधिकारी की स्वीकृति आवश्यक होती है। इन सभी प्रक्रियाओं के बाद ही अंतिम नियुक्ति संभव होती है।
उत्तराखंड में बनी रहेगी जिम्मेदारी
वर्तमान में दीपम सेठ उत्तराखंड पुलिस के सर्वोच्च पद पर कार्यरत हैं। ऐसे में यदि भविष्य में उन्हें केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर भेजा जाता है तो राज्य सरकार को नए पुलिस महानिदेशक की नियुक्ति सहित कई प्रशासनिक व्यवस्थाएं करनी होंगी। इसलिए केवल एम्पैनलमेंट के आधार पर उनके तत्काल दिल्ली जाने की संभावना नहीं मानी जा रही है।
करियर की बड़ी उपलब्धि
डीजी रैंक के लिए एम्पैनलमेंट को दीपम सेठ के प्रशासनिक करियर की एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। यह केंद्र सरकार की ओर से उनके अनुभव, नेतृत्व क्षमता और सेवा रिकॉर्ड पर जताया गया भरोसा है। हालांकि फिलहाल वह उत्तराखंड पुलिस महानिदेशक के रूप में अपनी जिम्मेदारियां निभाते रहेंगे और केंद्र में नियुक्ति को लेकर भविष्य में परिस्थितियों के अनुसार निर्णय लिया जाएगा।