July 11, 2026 7:14 pm

हरेला-2026 के लिए पहली बार एक्शन प्लान, 10 लाख पौधारोपण का लक्ष्य

देहरादून। उत्तराखंड में इस वर्ष हरेला पर्व पहली बार सुनियोजित एक्शन प्लान के तहत मनाया जाएगा। वन पंचायतों ने विभिन्न विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर पौधारोपण, संरक्षण और जनभागीदारी को लेकर विस्तृत कार्ययोजना तैयार की है। अभियान के तहत पूरे प्रदेश में 10 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है।

इस बार केवल पौधारोपण ही नहीं, बल्कि पौधों के संरक्षण, निगरानी और स्थानीय समुदाय की भागीदारी पर भी विशेष जोर दिया जाएगा। जिला और ग्राम स्तर पर समितियों का गठन किया गया है, जिनमें 50 प्रतिशत महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित की गई है। अभियान को जनआंदोलन का स्वरूप देने के लिए ग्राम पंचायतों, स्वयंसेवी संस्थाओं, महिला समूहों और स्कूलों को भी जोड़ा जाएगा।

हरेला अभियान के साथ केंद्र सरकार के एक पेड़ मां के नाम’ अभियान को भी जोड़ा गया है। इसके तहत लोगों को अपनी मां के सम्मान में पौधा लगाने और उसकी देखभाल का संकल्प दिलाया जाएगा। वन पंचायतों के माध्यम से इस संदेश को गांव-गांव तक पहुंचाया जाएगा।

कार्ययोजना के अनुसार जिलाधिकारी अभियान की निगरानी करेंगे, जबकि विभिन्न विभागों के अधिकारी और ग्राम प्रधान स्थानीय स्तर पर पौधारोपण और संरक्षण सुनिश्चित करेंगे। स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप पौधों की प्रजातियों का चयन कर समयबद्ध कार्यक्रम तैयार किया गया है।

प्रदेश में हरेला पर्व की शुरुआत 16 जुलाई से होगी और अभियान एक माह तक चलेगा। इस दौरान पर्यावरण संरक्षण, पौधारोपण और जनजागरूकता से जुड़े विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इस वर्ष प्रदेश स्तरीय मुख्य कार्यक्रम अल्मोड़ा में आयोजित होगा, जहां से हरित उत्तराखंड का संदेश पूरे राज्य में दिया जाएगा।