चमोली: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को गोपेश्वर के पुलिस मैदान में आयोजित ‘सेवा, सुशासन एवं समर्पण’ सेवा पखवाड़ा के तहत ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य प्रशासन को जनता के द्वार तक पहुंचाकर उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान करना है। उन्होंने कहा कि यह अभियान शासन और जनता के बीच की दूरी कम करने का प्रभावी माध्यम है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अभियान के पहले चरण में प्रदेशभर में छह लाख से अधिक लोगों ने भागीदारी की और 60 हजार से अधिक शिकायतों का मौके पर ही समाधान किया गया। उन्होंने कहा कि सीमांत क्षेत्रों के विकास, आधारभूत सुविधाओं के विस्तार और जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सरकार लगातार कार्य कर रही है।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में जी-20 बैठकों के सफल आयोजन, राष्ट्रीय खेलों की मेजबानी, शीतकालीन यात्रा, निवेश समझौतों और पर्यटन क्षेत्र के विस्तार से राज्य की अर्थव्यवस्था मजबूत हुई है। सरकार की पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के तहत अब तक 34 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी दी गई है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि चमोली जिले में 42 हजार से अधिक महिलाएं स्वयं सहायता समूहों से जुड़ चुकी हैं, जबकि 25 हजार से अधिक महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। किसान सम्मान निधि के तहत 48 हजार से अधिक किसानों को 196 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता दी गई है और दीनदयाल होमस्टे योजना के अंतर्गत जिले में 872 नए होमस्टे स्थापित किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना तेजी से आगे बढ़ रही है, जबकि हेली एम्बुलेंस सेवा के माध्यम से वर्ष 2024 से अब तक चमोली के 76 गंभीर मरीजों को समय पर उपचार उपलब्ध कराया गया है। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने चमोली के लिए ₹155.36 करोड़ की 63 विकास योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास भी किया।
मुख्यमंत्री ने बदरीनाथ मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण पर भी सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि यह अत्यंत गंभीर मामला है। उन्होंने स्पष्ट किया कि दोषियों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की जाएगी और किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा। साथ ही उन्होंने कहा कि सरकार इस मामले पर किसी भी प्रकार की राजनीति नहीं होने देगी।