September 3, 2026 6:47 pm

विकसित उत्तराखंड-2047 का रोडमैप तैयार, सीएम धामी ने शोध आधारित नीति पर दिया जोर

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को सचिवालय में उत्तराखण्ड स्टेट सेंटर फॉर पब्लिक पॉलिसी एंड गुड गवर्नेंस की शासी निकाय बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने कहा कि प्रदेश की भौगोलिक परिस्थितियों और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए नीति निर्माण में शोध, नवाचार और प्रभावी क्रियान्वयन को प्राथमिकता दी जाए। शोध के निष्कर्षों का उपयोग राज्य की नीतियों और योजनाओं को अधिक प्रभावी बनाने में किया जाए।

मुख्यमंत्री ने राज्य की उपलब्धियों और विभिन्न क्षेत्रों में किए गए उल्लेखनीय कार्यों पर केस स्टडी तैयार करने तथा जनपद और ब्लॉक स्तर के अधिकारियों के प्रशिक्षण एवं क्षमता विकास पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने योजनाओं के नियमित मूल्यांकन और लक्ष्यों की वार्षिक निगरानी सुनिश्चित करने को कहा।

बैठक में राज्य के प्रमुख विश्वविद्यालयों के प्रतिवर्ष 10 स्नातकोत्तर विद्यार्थियों को प्राथमिकता वाले विषयों पर शोध एवं परियोजनाओं के लिए छात्रवृत्ति देने पर सहमति बनी। पर्वतीय क्षेत्रों में घरेलू पर्यटन, छोटे एवं उच्च मूल्य वाले उत्पादों तथा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया गया।

मुख्यमंत्री ने विकसित उत्तराखण्ड-2047 की भावी रणनीति पर चर्चा करते हुए आर्थिक विकास, रोजगार, मानव संसाधन, वन एवं जैव विविधता, जलवायु अनुकूलन, अवस्थापना विकास, स्थानीय स्वशासन और तकनीक आधारित सुशासन जैसे क्षेत्रों पर विशेष ध्यान देने को कहा।

बैठक में बताया गया कि सतत विकास लक्ष्यों के क्षेत्र में उत्तराखण्ड हिमालयी राज्यों में प्रथम स्थान पर है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने उत्तराखण्ड एट 25: ए हिमालयन स्टेट विद इनफिनिट पॉसिबिलिटीज’ पुस्तक का विमोचन भी किया। पुस्तक में उत्तराखण्ड की 25 वर्षों की विकास यात्रा को समाहित किया गया है।

बैठक में मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, आर. मीनाक्षी सुन्दरम सहित शासी निकाय के सदस्य एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।