चमोली। उत्तराखंड के चमोली जिले में मौसम ने करवट बदल ली है। निचले इलाकों में बारिश और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी से हेमकुंड साहिब से लेकर बदरीनाथ धाम तक पहाड़ बर्फ की सफेद चादर से ढक गए हैं। बर्फ से ढकी चोटियों ने जहां क्षेत्र की खूबसूरती बढ़ा दी है, वहीं तापमान में गिरावट के साथ ठंड भी बढ़ गई है।
हेमकुंड साहिब के कपाट 10 अक्टूबर को शीतकाल के लिए बंद होने हैं। इससे ठीक पहले हुई बर्फबारी के बाद गुरुद्वारा प्रबंधन ने परिसर और पवित्र सरोवर के आसपास जमा बर्फ हटाने का काम शुरू कर दिया है। मशीनों की मदद से रास्तों को साफ किया जा रहा है, ताकि कपाट बंद होने के कार्यक्रम में शामिल होने वाले श्रद्धालुओं को आवाजाही में परेशानी न हो।
कपाट बंद होने के अवसर पर देश के विभिन्न हिस्सों से श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। इसे देखते हुए गुरुद्वारा परिसर में व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। बर्फबारी के कारण रास्तों पर फिसलन बढ़ने और कड़ाके की ठंड पड़ने की आशंका के बीच श्रद्धालुओं की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करना भी चुनौती है।
यात्रा मार्ग पर पुलिस और राज्य आपदा प्रतिवादन बल की टीमें तैनात रहेंगी। ये टीमें हेमकुंड साहिब पहुंचने वाले श्रद्धालुओं और कपाट बंद होने के बाद लौटने वाले यात्रियों की सुरक्षित आवाजाही में सहायता करेंगी। ऊंचाई वाले इलाकों में मौसम लगातार बदल रहा है, ऐसे में आगे भी बर्फबारी होने से रास्तों पर फिसलन बढ़ सकती है।
पहाड़ों पर सर्दियों की दस्तक
हेमकुंड साहिब और बदरीनाथ धाम के आसपास हुई बर्फबारी ने सर्दियों के आगमन का संकेत दे दिया है। बर्फ से ढके पहाड़ और चोटियां आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं, लेकिन कपाट बंद होने से पहले श्रद्धालुओं की सुरक्षा और यात्रा मार्गों को सुगम बनाए रखना प्रशासन और प्रबंधन की प्राथमिकता है।