देहरादून। उत्तराखंड में वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले दल-बदल की चर्चाएं तेज हो गई हैं। भाजपा के पूर्व नेता रामशरण नौटियाल की कांग्रेस में वापसी के बाद अब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष हरक सिंह रावत ने भाजपा के एक और बड़े नेता के कांग्रेस के संपर्क में होने का दावा किया है। हरक सिंह के मुताबिक, इस नेता से उनकी दो-तीन बार बातचीत हो चुकी है और वह भाजपा से इस्तीफा भी दे चुके हैं। हालांकि, संबंधित नेता के कांग्रेस में शामिल होने को लेकर अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
रामशरण नौटियाल की वापसी से कांग्रेस उत्साहित
रामशरण नौटियाल की कांग्रेस में वापसी पर हरक सिंह रावत ने कहा कि नौटियाल पहले कांग्रेस में थे, लेकिन बाद में भाजपा में चले गए थे। अब उनकी घर वापसी हुई है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, प्रीतम सिंह, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल और नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य सहित पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के बीच चर्चा हुई थी। इसके बाद दिल्ली में पार्टी नेतृत्व की मौजूदगी में उन्हें कांग्रेस में शामिल कराया गया।
हरक सिंह ने रामशरण नौटियाल की वापसी का स्वागत करते हुए कहा कि इससे कांग्रेस संगठन को मजबूती मिलेगी और भाजपा को राजनीतिक नुकसान हो सकता है।
टिकट को लेकर अभी फैसला जल्दबाजी
रामशरण नौटियाल की वापसी के बाद विकासनगर और आसपास की विधानसभा सीटों पर टिकट के समीकरणों को लेकर उठ रहे सवालों पर हरक सिंह रावत ने कहा कि अभी प्रत्याशी चयन की चर्चा करना जल्दबाजी होगी। कांग्रेस में टिकट देने की एक निर्धारित प्रक्रिया है। इसमें प्रदेश और केंद्रीय स्तर की छंटनी समितियों के साथ चुनाव समिति की भूमिका रहती है। अंतिम निर्णय इसी प्रक्रिया के तहत लिया जाता है।
उन्होंने कहा कि यदि चुनाव लड़ने के लिए अधिक दावेदार सामने आ रहे हैं, तो इसे पार्टी के लिए सकारात्मक संकेत माना जाना चाहिए। उनके मुताबिक, अधिक नेताओं की दावेदारी राज्य में कांग्रेस के पक्ष में बन रहे माहौल को दर्शाती है।
यशपाल बेनाम से बातचीत का भी किया जिक्र
हरक सिंह रावत ने पौड़ी के पूर्व विधायक यशपाल बेनाम का जिक्र करते हुए कहा कि उनसे भी दो-तीन बार बातचीत हुई है और वह उन्हें अपने छोटे भाई की तरह मानते हैं। हरक सिंह के दावे के अनुसार, बेनाम भाजपा से इस्तीफा दे चुके हैं और आने वाले समय में कांग्रेस में शामिल हो सकते हैं। हालांकि, उनके कांग्रेस में आने की कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
हरक सिंह ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि पिछले दो वर्षों में पार्टी में ऐसे लोगों को शामिल किया गया, जिनका विधानसभा या जिले में खास जनाधार नहीं है। उन्होंने कहा कि नेता उसी राजनीतिक दल की ओर जाते हैं, जहां उन्हें अपना भविष्य और बेहतर माहौल दिखाई देता है।
विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस और भाजपा दोनों ही संगठन को मजबूत करने में जुटे हैं। ऐसे में रामशरण नौटियाल की कांग्रेस में वापसी और भाजपा के एक अन्य नेता को लेकर हरक सिंह रावत के दावे ने प्रदेश की सियासत में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि यह दावा आगे किस रूप में सामने आता है और क्या कोई अन्य बड़ा नेता कांग्रेस का दामन थामता है।