October 20, 2026 1:39 pm

अंकिता मामले में खुफिया तंत्र की चूक पर कार्रवाई, पौड़ी के एलआईयू इंस्पेक्टर निलंबित

देहरादून। अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर जारी विवाद के बीच पुलिस विभाग ने खुफिया तंत्र की कथित लापरवाही पर कार्रवाई की है। अंकिता के माता-पिता के दिल्ली पहुंचकर विरोध प्रदर्शन करने की जानकारी समय रहते नहीं मिल पाने के मामले में पौड़ी गढ़वाल के स्थानीय अभिसूचना इकाई (एलआईयू) के निरीक्षक को निलंबित कर दिया गया है। उत्तराखंड के पुलिस महानिदेशक, अभिसूचना अभिनव कुमार ने निलंबन की पुष्टि की है।

अंकिता भंडारी के माता-पिता पिछले दिनों दिल्ली पहुंचे थे और इंडिया गेट के बाहर कथित वीआईपी से जुड़े विवाद को लेकर विरोध दर्ज कराया था। इस घटनाक्रम की जानकारी खुफिया तंत्र को पहले से नहीं मिल पाई। इसे खुफिया तंत्र की चूक के रूप में देखा जा रहा है। इसी के बाद पौड़ी के एलआईयू निरीक्षक पर कार्रवाई की गई।

दिल्ली में प्रदर्शन के बाद बढ़ा राजनीतिक दबाव

अंकिता के माता-पिता के दिल्ली में धरने पर बैठने के बाद मामला एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आ गया। उन्हें समर्थन देने के लिए लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, सांसद प्रियंका गांधी, कांग्रेस नेता पवन खेड़ा और अलका लांबा सहित कई राजनीतिक नेताओं, कार्यकर्ताओं और समाजसेवियों ने प्रदर्शन में भाग लिया।

इस घटनाक्रम के बाद उत्तराखंड में भी अंकिता को न्याय दिलाने की मांग को लेकर विरोध-प्रदर्शन तेज हुए हैं। कांग्रेस की ओर से कई स्थानों पर कैंडल मार्च निकाले जा रहे हैं। कथित वीआईपी से जोड़े जा रहे व्यक्ति की राज्यपाल के रूप में नियुक्ति को लेकर भी प्रदेश में राजनीतिक विवाद जारी है।

दिल्ली पहुंचे मुख्यमंत्री और खुफिया अधिकारी

अंकिता के माता-पिता के दिल्ली पहुंचने के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी दिल्ली गए थे। वहीं, मामले की जानकारी मिलने पर खुफिया विभाग के अधिकारी भी दिल्ली रवाना हुए। इस पूरे घटनाक्रम में सूचना समय पर नहीं मिल पाने को लेकर विभागीय स्तर पर नाराजगी सामने आई है।

अब पौड़ी गढ़वाल के एलआईयू निरीक्षक का निलंबन इसी मामले में कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के अनुसार कार्रवाई का प्रमुख कारण अंकिता के माता-पिता के दिल्ली पहुंचने और उनके विरोध-प्रदर्शन की सूचना समय पर नहीं मिल पाना बताया गया है।