October 23, 2026 1:16 pm

विकास परियोजनाओं की बाधाएं दूर करने के लिए विभागीय समन्वय और समयबद्ध कार्रवाई जरूरी: पंकज कुमार पांडेय

देहरादून। प्रदेश में विकास परियोजनाओं के क्रियान्वयन में आ रही बाधाओं को दूर करने के लिए लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. पंकज कुमार पांडेय ने विभागीय समन्वय, स्पष्ट कार्ययोजना और समयबद्ध कार्रवाई पर जोर दिया है। गुरुवार को सचिवालय में राज्य-विशिष्ट प्रारूप टिप्पणी को अंतिम रूप देने के संबंध में आयोजित बैठक में उन्होंने अधिकारियों को लंबित प्रकरणों का नियमों के अनुरूप समाधान निकालने और निर्धारित समय में उनका निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

बैठक में अवधारणा-पत्र और विभिन्न संबंधित विभागों से प्राप्त सुझावों के आधार पर प्रारूप टिप्पणी पर चर्चा की गई। प्रस्तुतीकरण के माध्यम से विकास कार्यों के क्रियान्वयन में आ रही चुनौतियों और उनके समाधान के सुझाव सामने रखे गए।

बैठक में पीएम गतिशक्ति पोर्टल, भूमि राशि पोर्टल, परिवेश पोर्टल, भूमि अधिग्रहण, भूमि पर कब्जा हस्तांतरण, वन भूमि हस्तांतरण, उपयोगिता सेवाओं को स्थानांतरित करने, भूमि बैंक, भूमि नामांतरण और रॉयल्टी से जुड़े विषयों पर विचार-विमर्श किया गया। सड़क के अधिकार क्षेत्र से बाहर स्थित संपत्तियों को होने वाली क्षति के मुआवजे और ठेकेदारों के आवेदनों पर एकल खिड़की व्यवस्था के माध्यम से समयबद्ध अनुमति देने की प्रक्रिया को प्रभावी बनाने पर भी चर्चा हुई।

सचिव पांडेय ने कहा कि विकास कार्यों से संबंधित मामलों में संबंधित विभागों और कार्यदायी संस्थाओं को दस्तावेजीकरण पर विशेष ध्यान देना चाहिए। प्रत्येक प्रकरण के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के साथ राष्ट्रीय राजमार्ग अधिनियम, संबंधित कानूनों, नियमों और केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों का गहन अध्ययन किया जाए, ताकि समस्याओं का सही आकलन कर नियमसम्मत समाधान निकाला जा सके।

उन्होंने अधिकारियों को स्थानीय लोगों से संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं और परिस्थितियों को समझने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विभागों को केवल बाधाओं की पहचान तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उनके व्यावहारिक समाधान भी प्रस्तुत करने चाहिए। जहां नियमों या प्रक्रियाओं में बदलाव की आवश्यकता हो, वहां स्पष्ट प्रस्ताव तैयार कर उचित स्तर पर भेजे जाएं।

डॉ. पांडेय ने संबंधित विभागों और कार्यदायी संस्थाओं के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को आवश्यकतानुसार प्रशिक्षण देने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि नियमों, प्रक्रियाओं और तकनीकी पहलुओं की सही जानकारी होने से विकास परियोजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आएगी। सभी संबंधित अधिकारियों को बेहतर समन्वय के साथ लंबित मामलों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करना चाहिए।

बैठक में राजस्व परिषद की आयुक्त एवं सचिव रंजना राजगुरु, अपर सचिव विनीत कुमार, सेतु आयोग के सलाहकार विशाल पाराशर, लोक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता मनोज कुमार बिष्ट, यूपीसीएल के अधीक्षण अभियंता अरुण कांत, पिटकुल के अधीक्षण अभियंता राकेश कुमार और यूजेवीएनएल के उप महाप्रबंधक मुकेश वर्मा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। सभी जनपदों के जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी और अपर जिलाधिकारी वर्चुअल माध्यम से बैठक में शामिल हुए।