January 22, 2026 7:44 am

उत्तराखंड के इन सांसदों की निधि यूपी और हरियाणा में हुई खर्च, कांग्रेस ने बताया जनता से धोखा

देहरादून: उत्तराखंड में पहले ही तमाम ऐसे क्षेत्र हैं, जहां मूलभूत सुविधाओं के अभाव में जनता प्रदर्शन करती दिखाई देती रहती है. वहीं, दूसरी ओर उत्तराखंड के सांसद अपनी सांसद निधि को उत्तराखंड अन्य राज्यों यानी उत्तर प्रदेश एवं हरियाणा में भी खर्च करते दिखाई दे रहे हैं. दरअसल, सूचना के अधिकार में इसका खुलासा हुआ है कि उत्तराखंड की सांसद माला राज्य लक्ष्मी शाह ने सांसद निधि का एक बड़ा हिस्सा उत्तर प्रदेश एवं हरियाणा में खर्च किया है. इसके बाद से ही उत्तराखंड की राजनीतिक गरमा गई है. जहां एक ओर मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस सवाल उठा रही है, तो वहीं दूसरी ओर भाजपा इसे विकास की राजनीति करार दे रही है.

उत्तराखंड के सांसदों ने दूसरे राज्यों में खर्च की सांसद निधि: आरटीआई में मिली जानकारी के अनुसार उत्तराखंड के सांसदों ने उत्तर प्रदेश और हरियाणा जैसे राज्यों में ट्यूबवेल लगवाने, स्कूल, सामुदायिक भवन निर्माण और जल निकासी समेत अन्य कामों के लिए करीब एक करोड़ 28 लाख रुपए आवंटित कर दिए हैं. उत्तराखंड के साथ ही अन्य राज्यों में विकास कार्यों पर खर्च करने के मामले में टिहरी गढ़वाल सांसद माला राज्य लक्ष्मी शाह सबसे आगे हैं. टिहरी सांसद ने सबसे अधिक धनराशि उत्तर प्रदेश के आगरा जिले में खर्च की है. अकेले उत्तर प्रदेश के आगरा जिले में वित्तीय वर्ष 2024- 25 में करीब एक करोड़ रुपए की धनराशि विकास कार्यों के लिए आवंटित की गई है. इसमें फुटपाथ, पैदल मार्ग, पेयजल से संबंधित काम शामिल हैं.

सांसदों की खर्च की गई सांसद निधि का हिसाब: टिहरी सांसद माला राज्य लक्ष्मी शाह के साथ ही उत्तराखंड के राज्यसभा सांसद नरेश बंसल भी पीछे नहीं हैं. इन्होंने हरियाणा में स्कूल, कॉलेज और सामुदायिक भवनों के लिए 25 लख रुपए का आवंटन किया है. अल्मोड़ा सांसद अजय टम्टा ने अपनी लोकसभा सीट अल्मोड़ा-पिथौरागढ़ के इतर नैनीताल जिले पर अपनी दरियादिली दिखाई है. गनीमत यही है कि अल्मोड़ा सांसद ने दूसरे राज्यों के बजाए उत्तराखंड राज्य के ही नैनीताल जिले में स्कूल और कॉलेज में कमरा एवं हाल के निर्माण के लिए 5 लाख रुपए की धनराशि स्वीकृत की थी.

तरुण विजय ने गोरखपुर में की थी सांसद निधि खर्च: इससे पहले भी उत्तर प्रदेश के लिए पूर्व राज्यसभा सांसद तरुण विजय के कार्यकाल के दौरान धनराशि स्वीकृत की गई थी. पूर्व राज्यसभा सांसद के कार्यकाल 2010 से 16 के दौरान स्वीकृत की गई धनराशि 10 दिसंबर 2025 को आवंटित की गई. पूर्व राज्यसभा सांसद ने उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में जल निकासी एवं सड़कों के साथ ही अन्य कामों के लिए तीन लाख रुपए स्वीकृत किए थे. केंद्रीय सांख्यिकी और कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय की ओर से 13 अगस्त 2024 को जारी किए गए पत्र के अनुसार, पीएम फंड खर्च में संशोधन किए गए हैं. ऐसे में अब सांसद देश में कहीं भी विकास कार्यों की सिफारिश कर सकते हैं. लेकिन, एक वित्तीय वर्ष में इसकी अधिकतम सीमा 50 लाख रुपए की है.

दूसरे राज्यों में सांसद निधि खर्च करने पर भड़की कांग्रेस: उत्तराखंड की सांसद निधि अन्य राज्यों में खर्च किए जाने का मामला सामने आने के बाद मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस भाजपा सरकार पर हमलावर नजर आ रही है. कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि-

गणेश गोदियाल ने बताया जनता के साथ धोखा: यह बहुत ही भ्रम की स्थिति है कि प्रदेश के सांसदों की निष्ठा प्रदेश में सीमित न होकर अन्य प्रदेशों में भी दिखाई दे रही है. ऐसे में सवाल यही उठता है कि जिस संसदीय क्षेत्र से और जिस प्रदेश से सांसद बने हैं, उस प्रदेश की जनता की उनसे अधिक उम्मीदें होती हैं. वर्तमान समय में प्रदेश की जनता मूलभूत सुविधाओं के लिए जूझ रही है. ऐसे में प्रदेश के लोगों की मूलभूत सुविधाओं को दरकिनार करते हुए सांसद अन्य राज्यों में विकास कार्य कर रहे हैं.

उत्तराखंड राज्य में पहले से ही स्कूलों में फर्नीचर के साथ ही क्षेत्र में पेयजल लाइनें समेत तमाम दिक्कतें हैं. ऐसे में अन्य राज्यों में सांसद निधि का खर्च किया जाना प्रदेश की जनता के साथ धोखा है.
गणेश गोदियाल, प्रदेश अध्यक्ष, कांग्रेस-

गोदियाल ने जनता से बदलाव का अह्वान किया: साथ ही गणेश गोदियाल ने कहा कि ऐसा इसलिए हो रहा है क्योंकि जब कोई व्यक्ति जनता के वोट से चुना जाता है, तो उसको लगता है कि जनता के वोट की कोई कीमत नहीं है. चुनाव जीतने के लिए जुगाड़ और अन्य तरीके बनाए जाते हैं, तब ये चीज सामने आती हैं कि वो अपनी मर्जी से काम करते हैं. मनमर्जी का प्रमाण यही है कि आज उत्तराखंड सांसद निधि का पैसा अन्य राज्यों में खर्च हो रहा है. ऐसे में इसका इलाज सिर्फ बदलाव है, क्योंकि अगर बदलाव नहीं हुआ, तो यह जड़ें और अधिक गहरी होती जाएंगी.

बीजेपी बोली हमारी मानसिकता बड़ी है: इस मामले पर भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता नवीन ठाकुर ने सफाई देते हुए कहा कि-

उत्तराखंड के लोग पूरे भारत में निवास करते हैं. ऐसे में अगर दूसरे प्रदेशों में उनके काम नहीं हो पा रहे हैं या फिर विकास की छोटी-मोटी ज़रूरतें पूरी नहीं हो पा रही हैं, तो ऐसे में उन क्षेत्रों के लोग अगर अपने राज्य के सांसद से गुहार लगाएं, तो निश्चित तौर पर काम होना चाहिए. पूरा देश एक है. ऐसे में भाजपा, कांग्रेस की तरह छोटी मानसिकता की राजनीति नहीं करती है, बल्कि भाजपा विकास की राजनीति करती है.
नवीन ठाकुर, प्रदेश प्रवक्ता, भाजपा-