January 30, 2026 12:45 pm

गढ़वाल के किसानों के लिए बड़ी पहल, दिल्ली में सांसद अनिल बलूनी ने मंत्री पीयूष गोयल के साथ की बैठक

देहरादून: गढ़वाल सांसद अनिल बलूनी ने आज केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल व मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक की. बैठक में गढ़वाल लोकसभा क्षेत्र में जैविक एवं प्राकृतिक खेती को नई दिशा देने को लेकर सार्थक चर्चा हुई. बैठक का मुख्य उद्देश्य किसानों की आय में वृद्धि, कृषि नवाचार को प्रोत्साहन व स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाना रहा.

बैठक के दौरान गढ़वाल क्षेत्र में Centre of Excellence की स्थापना को लेकर भी सकारात्मक एवं गंभीर विचार-विमर्श हुआ. इस केंद्र के माध्यम से क्षेत्र में कृषि, बागवानी, जैविक उत्पादन तथा आधुनिक कृषि तकनीकों को बढ़ावा देने की योजना पर चर्चा की गई, जिससे किसानों को वैज्ञानिक तरीके से उत्पादन बढ़ाने में सहायता मिल सकेगी.

इसके साथ ही यह भी सहमति बनी कि वाणिज्य मंत्रालय द्वारा विदेशों में कुछ प्रमुख स्थान चिन्हित किए जाएंगे, जहां गढ़वाल के किसानों को उन्नत कृषि तकनीक, आधुनिक उत्पादन प्रणालियों एवं अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा.

इससे राज्य में गुणवत्ता युक्त पैदावार को प्रोत्साहन मिलेगा और स्थानीय उत्पाद वैश्विक प्रतिस्पर्धा के अनुरूप तैयार हो सकेंगे. बैठक में फलों की नई एवं उन्नत किस्मों के उत्पादन, उनके प्रभावी विपणन तथा राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंच सुनिश्चित करने के विषय पर भी विस्तार से चर्चा की गई.

इससे गढ़वाल क्षेत्र के सेब, कीवी, माल्टा, आड़ू सहित अन्य पर्वतीय उत्पादों को नई पहचान मिलने की संभावना है. केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने सभी प्रस्तावों पर शीघ्र ही ठोस एवं सार्थक कदम उठाए जाने का आश्वासन दिया. साथ ही गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ उन्होंने गढ़वाल के किसानों के हित में चर्चा की, वह अत्यंत ही सराहनीय एवं स्वागतयोग्य है.

गढ़वाल सांसद अनिल बलूनी ने बताया कि उन्होंने कुछ समय पूर्व गढ़वाल लोकसभा क्षेत्र के सभी जिलाधिकारियों के साथ जैविक खेती की वर्तमान स्थिति एवं इसे बढ़ावा देने के प्रयासों पर विस्तृत चर्चा की थी. इस संबंध में जिलों से रिपोर्ट भी मंगाई गई थी. अब केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के मार्गदर्शन एवं जिलाधिकारियों के सहयोग से गढ़वाल में जैविक एवं प्राकृतिक खेती को एक नई दिशा मिलेगी.

उन्होंने कहा कि इस पहल से न केवल गढ़वाल के उत्पादों को वैश्विक मंच मिलेगा, बल्कि लोकसभा क्षेत्र के किसानों की आय में भी उल्लेखनीय वृद्धि होगी और पर्वतीय क्षेत्रों में स्वरोजगार के नए अवसर सृजित होंगे.