January 30, 2026 8:45 pm

उत्तराखंड: प्री-एसआईआर में 75.28 मतदाताओं की हुई मैपिंग, मैदान के दो जिलों की स्थिति काफी खराब

देहरादून: उत्तराखंड में शुरू होने वाले आगामी विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) से पहले प्री-एसआईआर की प्रक्रिया जारी है, जिसके तहत प्रदेश में बीएलओ आउटरीच अभियान चलाया जा रहा है. बीएलओ आउटरीच अभियान के पहले चरण में 75.28 मतदाताओं की मैपिंग की जा चुकी है. वहीं, अब मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय की ओर से बीएलओ आउटरीच अभियान के दूसरे चरण की शुरुआत एक फरवरी से होने जा रही है जो कि 15 फरवरी तक चलेगी.

बीएलओ आउटरीच अभियान के पहले चरण में प्रदेश के दो मैदानी जिले देहरादून और उधमसिंह नगर मैपिंग फीसदी में काफी पीछे हैं. प्रदेश में बीएलओ आउटरीच अभियान के पहले चरण की शुरुआत 1 दिसंबर 2025 को हुई थी, जो 15 जनवरी 2026 तक संचालित किया गया. इस अभियान के दूसरे चरण की शुरुआत 1 फरवरी 2026 से होने जा रही है.

पहले चरण में 75.28 मतदाताओं की मैपिंग हो चुकी: इस अभियान के तहत साल 2025 की मतदाता सूची में मौजूद मतदाताओं को साल 2003 की मतदाता सूची से मैपिंग की जा रही है. उत्तराखंड में प्री-एसआईआर के तहत बीएलओ आउटरीच अभियान के पहले चरण में 75.28 मतदाताओं की मैपिंग हो चुकी है, जिसके तहत उत्तराखंड में मौजूद 84,55,994 मतदाताओं में से 63,66,046 मतदाताओं की मैपिंग हो चुकी है.

पर्वतीय जिलों में मैपिंग का आंकड़ा 90 फ़ीसदी: उत्तराखंड के अधिकांश पर्वतीय जिलों में मैपिंग का आंकड़ा 90 फ़ीसदी के आसपास पहुंच गया है. लेकिन दो मैदानी जिलों देहरादून और उधम सिंह नगर में मतदाताओं के मैपिंग का आंकड़ा 60 फीसदी से भी कम है. करीब डेढ़ महीने तक चले बीएलओ आउटरीच अभियान के पहले चरण में देहरादून जिले में 57.23 फीसदी मतदाताओं और उधम सिंह नगर जिले में 59.64 फीसदी मतदाताओं की ही मैपिंग हो पाई है.

बीएलओ आउटरीच अभियान के तहत मैपिंग की स्थिति:

  • प्रदेश भर में मौजूद कुल 84,55,994 मतदाताओं में से 63,66,046 मतदाताओं की मैपिंग हो चुकी है. यानी 28 फीसदी मतदाताओं की मैपिंग हो चुकी है.
  • रुद्रप्रयाग जिले में मौजूद कुल 1,96,501 मतदाताओं में से 1,86,020 मतदाताओं की मैपिंग हो चुकी है. यानी 67 फीसदी मतदाताओं की मैपिंग हो चुकी है.
  • चंपावत जिले में मौजूद कुल 2,08,199 मतदाताओं में से 1,94,170 मतदाताओं की मैपिंग हो चुकी है. यानी 26 फीसदी मतदाताओं की मैपिंग हो चुकी है.
  • उत्तरकाशी जिले में मौजूद कुल 2,48,041 मतदाताओं में से 2,31,181 मतदाताओं की मैपिंग हो चुकी है. यानी 20 फीसदी मतदाताओं की मैपिंग हो चुकी है.
  • बागेश्वर जिले में मौजूद कुल 2,19,884 मतदाताओं में से 2,04,043 मतदाताओं की मैपिंग हो चुकी है. यानी 80 फीसदी मतदाताओं की मैपिंग हो चुकी है.
  • पिथौरागढ़ जिले में मौजूद कुल 3,72,218 मतदाताओं में से 3,41,769 मतदाताओं की मैपिंग हो चुकी है. यानी 91,82 फीसदी मतदाताओं की मैपिंग हो चुकी है.
  • अल्मोड़ा जिले में मौजूद कुल 5,37,413 मतदाताओं में से 4,88,862 मतदाताओं की मैपिंग हो चुकी है. यानी 97 फीसदी मतदाताओं की मैपिंग हो चुकी है.
  • टिहरी गढ़वाल जिले में मौजूद कुल 5,20,075 मतदाताओं में से 4,71,811 मतदाताओं की मैपिंग हो चुकी है. यानी 72 फीसदी मतदाताओं की मैपिंग हो चुकी है.
  • चमोली जिले में मौजूद कुल 3,02,534 मतदाताओं में से 2,72,661 मतदाताओं की मैपिंग हो चुकी है. यानी 13 फीसदी मतदाताओं की मैपिंग हो चुकी है.
  • पौड़ी गढ़वाल जिले में मौजूद कुल 5,71,373 मतदाताओं में से 5,02,282 मतदाताओं की मैपिंग हो चुकी है. यानी 91 फीसदी मतदाताओं की मैपिंग हो चुकी है.
  • हरिद्वार जिले में मौजूद कुल 14,61,702 मतदाताओं में से 11,31,578 मतदाताओं की मैपिंग हो चुकी है. यानी 42 फीसदी मतदाताओं की मैपिंग हो चुकी है.
  • नैनीताल जिले में मौजूद कुल 8,22,055 मतदाताओं में से 5,93,490 मतदाताओं की मैपिंग हो चुकी है. यानी 20 फीसदी मतदाताओं की मैपिंग हो चुकी है.
  • उधम सिंह नगर जिले में मौजूद कुल 13,93,884 मतदाताओं में से 8,31,293 मतदाताओं की मैपिंग हो चुकी है. यानी 64 फीसदी मतदाताओं की मैपिंग हो चुकी है.
  • देहरादून जिले में मौजूद कुल 16,02,115 मतदाताओं में से 9,16,886 मतदाताओं की मैपिंग हो चुकी है. यानी 23 फीसदी मतदाताओं की मैपिंग हो चुकी है.

उत्तराखंड में 15 जनवरी को संपन्न हुए बीएलओ आउटरीच अभियान के बाद अब मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय की ओर से 1 फरवरी 2026 से अगले 15 दिनों के लिए बीएलओ आउटरीच अभियान के दूसरे चरण की शुरुआत होने जा रही है.

दूसरे चरण में युवा और महिला मतदाताओं पर फोकस: दूसरे चरण में साल 2003 की मतदाता सूची से साल 2025 के मतदाता सूची की मैपिंग की जाएगी. ऐसे मुख्य निर्वाचन कार्यालय की ओर से शत प्रतिशत मतदाताओं की मैपिंग करने का लक्ष्य रखा गया है. विशेष रूप से बीएलओ आउटरीच अभियान के दूसरे चरण में युवा और महिला मतदाताओं की मैपिंग पर विशेष फोकस किया जाएगा.

राजनीतिक दलों ने 12,070 बीएलओ नियुक्त किए: उत्तराखंड में आगामी शुरू होने वाले एसआईआर के मद्देनजर मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय की ओर से लगातार राष्ट्रीय राजनीतिक दलों से बीएलओ नियुक्त करने की अपील की जा रही है, जिसके तहत अभी तक प्रदेश में 12,070 बीएलओ की नियुक्ति राष्ट्रीय राजनीतिक दलों की ओर से की जा चुकी है, जिसमें भाजपा की ओर से 5,900 बीएलए और कांग्रेस पार्टी की ओर से 5,800 बीएलए नियुक्त किए जा चुके हैं. जबकि अन्य राष्ट्रीय राजनीतिक दलों की ओर से 370 बीएलए नियुक्त किए गए हैं.

अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ विजय कुमार जोगदंडे के अनुसार अगले 15 से 20 दिनों में सभी मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय राजनीतिक दलों की ओर से शत प्रतिशत बीएलए नियुक्त किए जाने की संभावना है. उत्तराखंड के अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदंडे ने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग की ओर से जारी दिशा निर्देशों के क्रम में उत्तराखंड राज्य में प्री-एसआईआर गतिविधियां संचालित की जा रही हैं. ऐसे में बीएलओ आउटरीच अभियान के तहत प्रदेश में हर मतदाता तक पंहुच, समन्वय और संवाद स्थापित करने के लिए व्यापक अभियान चलाया जा रहा है.

एक फरवरी से दूसरे चरण की शुरुआत: इस अभियान के पहले चरण के तहत प्रदेश के 75 फीसदी मतदाताओं की मैपिंग की जा चुकी है. साथ ही कहा कि प्रदेश में सभी 70 विधानसभा क्षेत्रों में बीलएओ, ईआरओ समेत पूरी इलेक्शन मशीनरी ने अभी तक 75 फीसदी मतदाताओं की मैपिंग कर चुकी है. साथ ही अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि बीएलओ आउटरीच अभियान के दूसरे चरण की शुरुआत एक फरवरी से होने जा रही है. इस अभियान में प्रदेश के युवा एवं महिला मतदाताओं पर विशेष फोकस रहेगा.

आउटरीच अभियान के दूसरे चरण को 15 फरवरी 2026 तक चलाया जाएगा. इस अभियान के तहत साल 2025 की मतदाता सूची में शामिल मतदाताओं की साल 2003 की मतदाता सूची से मैपिंग की जाएगी. साथ बताया कि मतदाताओं की सुविधा के लिए साल 2003 की मतदाता सूची को उत्तराखंड मुख्य निर्वाचन अधिकारी की ऑफिशल वेबसाइट ceo.uk.gov.in पर उपलब्ध है.

दो जिलों की स्थिति काफी खराब: उत्तराखंड के मुख्य रूप से दो जिलों देहरादून और उधम सिंह नगर जिले में मैपिंग फीसदी कम रहने के सवाल पर अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ विजय कुमार जोगदंड ने कहा कि मैपिंग की कार्रवाई घर-घर जाकर की जाती है, लेकिन इन जिलों में मतदाताओं की संख्या अधिक होने के कारण, अधिक मतदाताओं से संपर्क करना पड़ रहा है.

ऐसे में आगामी 15 दोनों तक बीएलओ आउटरीच अभियान को संचालित किया जाना है. तब इन जिलों में मैपिंग फीसदी बेहतर होने की संभावना है. साथ ही बताया की बीएलओ की सुविधा को देखते हुए एक दिन में 30 से 40 मतदाताओं से ही संपर्क साधने का लक्ष्य रखा गया है.