February 18, 2026 11:20 pm

मां के संस्कारों से बनता है राष्ट्र का चरित्र, CM धामी ने देहरादून में ‘मातृ संस्कार समागम’ में कही यह बात

देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि परिवार ही व्यक्ति का पहला विद्यालय है और मां के संस्कारों से ही राष्ट्र का चरित्र निर्मित होता है। उन्होंने कहा कि यदि परिवार सशक्त होगा तो समाज और राष्ट्र भी मजबूत होंगे। मुख्यमंत्री देहरादून में विश्वमांगल्य सभा के कार्यक्रम ‘मातृ संस्कार समागम’ में बोल रहे थे। राजकीय मेडिकल कालेज पटेलनगर के सभागार में आयोजित कार्यकम में प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आई मातृशक्ति का अभिनंदन करते हुए मुख्यमंत्री ने उन्हें राष्ट्र निर्माण की धुरी बताया।

उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में माता का स्थान सर्वोच्च है और उनके द्वारा दिए गए संस्कार ही व्यक्ति के चरित्र, विचार और व्यवहार की नींव रखते हैं।

मुख्यमंत्री ने अपने जीवन के अनुभव साझा करते हुए कहा कि साधारण परिवार में पले-बढ़े होने के कारण उन्होंने संघर्ष, अनुशासन, सादगी और आत्मनिर्भरता का महत्व सीखा। सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखने और उन्हें साकार करने का संकल्प ही उनकी सबसे बड़ी ताकत रहा।

उन्होंने कहा कि जीवन में पद या प्रतिष्ठा नहीं, बल्कि मजबूत चरित्र और स्पष्ट उद्देश्य ही व्यक्ति को महान बनाते हैं। उन्होंने प्रभु श्रीराम और माता कौशल्या, भगवान श्रीकृष्ण और माता यशोदा एवं छत्रपति शिवाजी महाराज और माता जीजाबाई के उदाहरण देते हुए कहा कि इन महान व्यक्तित्वों के निर्माण में मातृ संस्कारों की निर्णायक भूमिका रही है।

उन्होंने ‘कुटुंब प्रबोधन’ को सामाजिक परिवर्तन का महत्वपूर्ण माध्यम बताते हुए आधुनिकता और परंपरा के संतुलन पर जोर दिया। साथ ही, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष में इस प्रकार के कार्यक्रमों को सांस्कृतिक जागरण का प्रतीक बताया। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि ऐसे आयोजन मातृशक्ति को नई ऊर्जा देंगे और समाज व राष्ट्र निर्माण के संकल्प को सुदृढ़ करेंगे।

सात मातृ शक्ति को सीएम ने किया सम्मानित

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली सात महिलाएं ममता राणा, ममता रावत, शैला ब्रिजनाथ, साध्वी कमलेश भारती, राजरानी अग्रवाल, मंजू टम्टा वसुश्री कविता मलासी को सम्मानित किया।