हल्द्वानी: देश में महिलाओं के स्वास्थ्य की सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अजमेर से 9 से 14 वर्ष की बालिकाओं के लिए राष्ट्रव्यापी एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमावायरस) टीकाकरण अभियान की शुरुआत की। इस अभियान का उद्देश्य सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम सुनिश्चित करना और किशोरियों को समय रहते सुरक्षा प्रदान करना है।
उत्तराखंड में इस कार्यक्रम से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी वर्चुअल माध्यम से जुड़े। उन्होंने हल्द्वानी मेडिकल कॉलेज में बनाए गए विशेष टीकाकरण कक्ष का निरीक्षण किया और वहां मौजूद बालिकाओं व अभिभावकों से संवाद कर टीके के महत्व की जानकारी दी।
क्यों अहम है यह अभियान?
सर्वाइकल कैंसर महिलाओं में होने वाली गंभीर बीमारियों में से एक है। विशेषज्ञों के अनुसार, समय पर एचपीवी वैक्सीन लगने से इस बीमारी के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय स्तर पर यह अभियान शुरू किया है।
इस अभियान के तहत देशभर में करीब 1 करोड़ 15 लाख से अधिक किशोरियों को निःशुल्क टीकाकरण का लक्ष्य रखा गया है।
उत्तराखंड में व्यापक तैयारियां
राज्य सरकार ने पहले चरण में 155 टीकाकरण केंद्रों पर व्यवस्थाएं सुनिश्चित की हैं। स्वास्थ्य कर्मियों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया है और कोल्ड-चेन सिस्टम को मजबूत किया गया है ताकि टीकों की गुणवत्ता और प्रभावशीलता बनी रहे।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि यह अभियान मातृशक्ति के स्वास्थ्य और सम्मान से जुड़ा हुआ है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न दें और अपनी बेटियों का टीकाकरण अवश्य कराएं।
स्वास्थ्य ढांचे को मिल रही मजबूती
राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है। आयुष्मान योजना के तहत लाखों लोगों को निःशुल्क उपचार का लाभ मिल रहा है। विभिन्न जिलों में मेडिकल कॉलेजों का संचालन और सुपर स्पेशियलिटी सेवाओं की उपलब्धता से स्वास्थ्य सुविधाएं बेहतर हुई हैं।
सरकार का लक्ष्य है कि “स्वस्थ उत्तराखंड” की परिकल्पना को साकार करते हुए हर नागरिक तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाई जाएं।
यह अभियान न केवल बीमारी की रोकथाम की दिशा में कदम है, बल्कि आने वाली पीढ़ी को सुरक्षित और स्वस्थ भविष्य देने का संकल्प भी है।