March 16, 2026 8:12 pm

मुख्यमंत्री घोषणाओं के कार्य शीघ्र पूरे करें, लंबित परियोजनाओं पर 15 दिन में लें निर्णय : मुख्य सचिव

देहरादून: आनंद बर्धन की अध्यक्षता में सचिवालय सभागार में मुख्यमंत्री घोषणाओं तथा मुख्यमंत्री की 10-10 घोषणाओं पर आधारित कार्यों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों द्वारा मुख्यमंत्री घोषणाओं के अंतर्गत किए जा रहे कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।

मुख्य सचिव ने सभी विभागों को निर्देश दिए कि मुख्यमंत्री घोषणाओं के अंतर्गत जिन योजनाओं और परियोजनाओं को पूरा किया जाना है, उन पर त्वरित कार्रवाई करते हुए उन्हें शीघ्र पूर्ण किया जाए। उन्होंने कहा कि जो योजनाएं किसी कारणवश पूरी नहीं हो सकतीं और जिनका विलोपन प्रस्तावित है, उनका प्रस्ताव अगले 15 दिनों के भीतर मुख्यमंत्री घोषणा सेल को भेजा जाए। निर्धारित समय में प्रस्ताव न मिलने की स्थिति में यह माना जाएगा कि संबंधित विभाग उस परियोजना को पूरा करेगा।

भूमि और समन्वय से जुड़े मामलों का समाधान

मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि जिन परियोजनाओं में भूमि उपलब्धता की समस्या आ रही है, वहां संबंधित जनप्रतिनिधियों, विधायकों और जिलाधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर यह स्पष्ट किया जाए कि परियोजना को क्रियान्वित किया जाना है या नहीं।

उन्होंने कहा कि अंतर-विभागीय मुद्दों को भी आपसी समन्वय से जल्द सुलझाया जाए, ताकि परियोजनाओं के क्रियान्वयन में देरी न हो। जिन योजनाओं के लिए भूमि और अन्य औपचारिकताएं पूरी हो सकती हैं, उन पर तुरंत कार्य शुरू किया जाए, जबकि जो परियोजनाएं व्यवहारिक नहीं हैं, उनके विलोपन का प्रस्ताव प्रस्तुत किया जाए।

10-10 कार्य आधारित घोषणाओं में तेजी लाने के निर्देश

मुख्य सचिव ने मुख्यमंत्री की 10-10 कार्य आधारित घोषणाओं के अंतर्गत आने वाले कार्यों को प्राथमिकता से पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन कार्यों को जल्दी पूरा किया जा सकता है, उनकी औपचारिकताएं तत्काल पूरी कर उन्हें क्रियान्वित किया जाए।

उन्होंने लोक निर्माण विभाग को निर्देश दिया कि सड़क निर्माण और अन्य निर्माण कार्यों से जुड़े जिन कार्यों को किया जा सकता है, उनके लिए तुरंत शासनादेश जारी किए जाएं। वहीं जो कार्य संभव नहीं हैं, उनके विलोपन का प्रस्ताव प्रस्तुत किया जाए।

इसी तरह पेयजल योजनाओं के संबंध में उन्होंने निर्देश दिया कि अगले 20 दिनों के भीतर यह स्पष्ट किया जाए कि कौन-कौन से कार्य क्रियान्वित किए जा सकते हैं और कौन से नहीं।

शिक्षा, भूमि और अन्य प्रस्तावों पर भी निर्देश

मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि जहां-जहां साइट सिलेक्शन कमेटी की रिपोर्ट संलग्न की जानी है, वहां उसे शीघ्र जोड़ा जाए।

विद्यालय शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि जहां **केंद्रीय विद्यालय संगठन के लिए सरकारी भूमि उपलब्ध नहीं है, वहां नियमों के अनुसार निजी या वन भूमि के विकल्पों की भी संभावनाएं तलाश की जाएं।

गेस्ट हाउस निर्माण और नामकरण पर निर्णय

मुख्य सचिव ने कहा कि जिन जनपदों में राज्य संपत्ति विभाग या लोक निर्माण विभाग के गेस्ट हाउस उपलब्ध नहीं हैं, वहां नए गेस्ट हाउस निर्माण के प्रस्ताव प्रस्तुत किए जाएं।

उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि जिन परियोजनाओं का कार्य नामकरण तय न होने के कारण लंबित है, उनके संबंध में स्थानीय जनप्रतिनिधियों, विभागों, हितधारकों और जिला प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित कर जल्द निर्णय लिया जाए। यदि नामकरण में परिवर्तन आवश्यक हो तो उसके अनुरूप कार्रवाई की जाए।

बैठक में आर.के. सुधांशु, अमित सिन्हा, सचिन कुर्वे, रविनाथ रामन, चंद्रेश कुमार यादव, एस.एन. पांडेय, वी. षणमुगम, एस.ए. अदांकी, विनोद कुमार सुमन, युगल किशोर पंत, डॉ. आर. राजेश कुमार, रणवीर सिंह, अहमद इकबाल, मुख्य वन संरक्षक रंजन मिश्र सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।