March 18, 2026 2:00 pm

उत्तराखण्ड में विशेष गहन पुनरीक्षण की तैयारी तेज, 87 प्रतिशत मतदाताओं की मैपिंग पूरी, जिलों को एक्शन प्लान बनाने के निर्देश

देहरादून। उत्तराखण्ड में प्रस्तावित विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर तैयारियां तेज कर दी गई हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने मंगलवार को सचिवालय से सभी जिलों के जिलाधिकारियों के साथ वीडियो माध्यम से समीक्षा बैठक कर तैयारियों का जायजा लिया।

बैठक के दौरान जिन जिलों में मतदाताओं की मैपिंग कम पाई गई, वहां के अधिकारियों पर मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने नाराजगी जताई और संबंधित निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।

समीक्षा बैठक में मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए अलग-अलग कार्य योजना तैयार करने को कहा। उन्होंने निर्देश दिए कि शहरी क्षेत्रों में नगर निकायों के अधिकारियों और कर्मचारियों की भी इस कार्य में तैनाती की जाए, ताकि प्रक्रिया को समय पर पूरा किया जा सके।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि प्रदेश में अब तक लगभग 87 प्रतिशत मतदाताओं की मैपिंग पूरी हो चुकी है, लेकिन देहरादून, ऊधमसिंह नगर और नैनीताल जनपदों में प्रगति अपेक्षाकृत कम है। इसको लेकर संबंधित जिलों को तेजी से कार्य पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि सभी जिलाधिकारी विशेष गहन पुनरीक्षण से पहले प्रत्येक मतदान केंद्र पर शत प्रतिशत बूथ स्तर अभिकर्ताओं की नियुक्ति सुनिश्चित करने के लिए राजनीतिक दलों के साथ बैठक करें। इसके साथ ही गणना प्रपत्रों के वितरण के लिए भी विस्तृत योजना तैयार करने को कहा गया है, ताकि समय पर प्रपत्र वितरण की प्रक्रिया पूरी हो सके।

बताया जा रहा है कि भारत निर्वाचन आयोग ने हाल ही में मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय को पत्र भेजकर संकेत दिए थे कि अप्रैल 2026 से विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है। हालांकि आयोग की ओर से अभी इसकी औपचारिक तिथियों की घोषणा नहीं की गई है, लेकिन संभावित कार्यक्रम को देखते हुए प्रदेश में तैयारियां तेजी से की जा रही हैं।