March 25, 2026 7:37 pm

धामी कैबिनेट की पहली फुल फ्लेज्ड बैठक, वीर उद्यमी योजना समेत 16 प्रस्तावों पर मुहर

देहरादून: मंत्रिमंडल विस्तार के बाद बुधवार को मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami की अध्यक्षता में धामी कैबिनेट की पहली फुल फ्लेज्ड बैठक आयोजित हुई। बैठक में सरकार ने विभिन्न विभागों से जुड़े कुल 16 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी। इनमें रोजगार, शिक्षा, ऊर्जा, गृह और कार्मिक विभाग से जुड़े कई अहम निर्णय शामिल हैं।

कैबिनेट ने न्याय विभाग के अंतर्गत न्याय कर्मचारियों को नाममात्र ब्याज दर पर 10 लाख रुपये तक का सॉफ्ट लोन देने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही लोक निर्माण विभाग में 1 करोड़ रुपये से अधिक की कंसल्टेंसी प्रस्तावों को भी मंजूरी प्रदान की गई।

वन विभाग में प्रशासनिक पदों के लिए न्यूनतम सेवा अवधि को 25 वर्ष से घटाकर 22 वर्ष कर दिया गया है, ताकि कार्मिक विभाग की तर्ज पर पदोन्नति की प्रक्रिया को सरल बनाया जा सके। वहीं ऊर्जा विभाग में बिजली सब्सिडी से संबंधित प्रावधानों को 31 मार्च 2025 तक लागू रखने का निर्णय लिया गया।

कैबिनेट बैठक में गृह विभाग से जुड़े कई अहम फैसले भी लिए गए। वर्ष 2025 में बनाई गई नियमावली को लागू करने की अनुमति दी गई है। साथ ही उत्तराखंड होमगार्ड के लिए नई नियमावली को भी मंजूरी दी गई। इसके अलावा भारतीय न्याय संहिता लागू होने के बाद पुलिस कर्मियों के प्रशिक्षण के लिए विशेषज्ञों को रखने की अनुमति भी दी गई है।

कार्मिक विभाग से जुड़े निर्णय के तहत सिपाही और उप निरीक्षक पदों की भर्ती में आयु सीमा के कारण वंचित रह गए अभ्यर्थियों को दोबारा अवसर देने का फैसला किया गया है। इसमें पुलिस, पीएसी, अग्निशमन और प्लाटून से जुड़े पद शामिल हैं।

कैबिनेट ने माध्यमिक शिक्षा विभाग में सहायता प्राप्त स्कूलों के अध्ययन के लिए एक उपसमिति गठित करने का निर्णय लिया है। वहीं खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के अंतर्गत राज्य में 2.2 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। गेहूं और धान खरीद पर भारत सरकार द्वारा दिए जा रहे मंडी शुल्क के बराबर राशि राज्य सरकार भी वहन करेगी।

बैठक में उत्तराखंड वीर उद्यमी योजना के तहत मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना में पूर्व सैनिकों और पूर्व अग्निवीरों के लिए 10 प्रतिशत लक्ष्य आरक्षित करने का निर्णय लिया गया। साथ ही उन्हें अतिरिक्त 5 प्रतिशत सब्सिडी का लाभ भी दिया जाएगा।

इसके अलावा नियोजन विभाग के अंतर्गत सेतु आयोग से संबंधित प्रस्ताव को मंजूरी दी गई तथा राज्य की पंचम विधानसभा के सत्रावसान को भी स्वीकृति प्रदान की गई।