उत्तराखंड में खाद संकट गहराया ! नेताप्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने सरकार से की ठोस कदम उठाने की मांग

देहरादून | उत्तराखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने प्रदेश में किसानों को हो रही खाद (उर्वरक) की गंभीर समस्या पर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि यह समस्या केवल खाद की कमी तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके वितरण, बढ़ती कीमतों और प्रबंधन की खामियों से भी जुड़ी हुई है।

आर्य ने कहा कि बुवाई के महत्वपूर्ण समय पर किसानों को यूरिया और डीएपी जैसी आवश्यक खाद उपलब्ध नहीं हो पा रही है, जिससे फसलों की उत्पादकता पर सीधा असर पड़ रहा है। कई स्थानों पर कालाबाजारी और जमाखोरी के कारण कृत्रिम संकट पैदा किया जा रहा है, जिससे किसानों को ऊंचे दामों पर खाद खरीदने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।

उन्होंने आरोप लगाया कि सहकारी समितियों और सरकारी वितरण केंद्रों पर अव्यवस्था, लंबी कतारें और सीमित स्टॉक के कारण किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं डीएपी की बढ़ती कीमतों ने खेती की लागत बढ़ा दी है, जिससे किसानों का मुनाफा लगातार घट रहा है। इस स्थिति में छोटे और सीमांत किसान सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं।

नेता प्रतिपक्ष ने सरकार से मांग की कि किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराने के लिए बुवाई से पहले पर्याप्त स्टॉक सुनिश्चित किया जाए। साथ ही कालाबाजारी और जमाखोरी पर रोक लगाने के लिए सख्त निगरानी और प्रभावी कार्रवाई की जाए।

उन्होंने सुझाव दिया कि खाद वितरण प्रणाली को डिजिटल बनाया जाए, ताकि पारदर्शिता बढ़े और किसानों को आसानी से खाद मिल सके। इसके अलावा वर्मी कम्पोस्ट और गोबर खाद जैसे जैविक विकल्पों को बढ़ावा देने तथा संतुलित उर्वरक उपयोग और आधुनिक तकनीकों के प्रति किसानों को जागरूक करने पर भी जोर दिया।

आर्य ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द प्रभावी कदम नहीं उठाए, तो किसानों की आजीविका पर गहरा संकट उत्पन्न हो सकता है।