चंपावत प्रकरण पर कांग्रेस का सरकार पर हमला, मानवाधिकार आयोग से निष्पक्ष जांच की मांग

देहरादून: चंपावत के चर्चित कथित नाबालिग गैंगरेप मामले को लेकर कांग्रेस ने धामी सरकार पर सवाल खड़े किए हैं। कांग्रेस नेताओं ने मामले की निष्पक्ष जांच कराने और पीड़ित परिवार को सुरक्षा देने की मांग उठाई है।

कांग्रेस की प्रदेश प्रवक्ता डॉ. प्रतिमा सिंह ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग को पत्र भेजकर पूरे मामले की न्यायिक जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि मामले में सत्तारूढ़ दल से जुड़े लोगों के नाम सामने आने के बाद जांच को लेकर कई तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं।

उन्होंने अपने पत्र में कहा कि यदि पुलिस अब यह दावा कर रही है कि मामला साजिश था, तो फिर एफआईआर, मेडिकल रिपोर्ट और मजिस्ट्रेट के सामने दर्ज बयान क्या कहते हैं, इसकी भी स्पष्ट जानकारी सामने आनी चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि जांच पूरी होने और अदालत में मामला विचाराधीन होने से पहले पुलिस किस आधार पर अंतिम निष्कर्ष दे रही है।

डॉ. प्रतिमा सिंह ने कहा कि कथित पीड़िता के परिवार की आर्थिक और सामाजिक स्थिति को देखते हुए मामले की संवेदनशीलता और बढ़ जाती है। उन्होंने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग से पूरे प्रकरण की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।

वहीं कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष धीरेंद्र प्रताप ने भी सरकार पर मामले में लीपापोती करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यदि किसी नाबालिग के साथ दुष्कर्म नहीं हुआ है तो यह राहत की बात है, लेकिन जिस प्रकार पुलिस अधिकारियों द्वारा प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बयान दिए जा रहे हैं, उससे मामले को लेकर संदेह पैदा हो रहा है।

धीरेंद्र प्रताप ने इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग करते हुए कहा कि उन्होंने इस संबंध में राज्यपाल से भी समय मांगा है। उन्होंने अंकिता भंडारी मामले का जिक्र करते हुए महिलाओं को न्याय दिलाने की बात भी उठाई।

कांग्रेस नेताओं ने उत्तराखंड में महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों को लेकर सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि महिला सुरक्षा को लेकर ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है।