देहरादून: उत्तराखंड कांग्रेस में अंदरूनी खींचतान और बयानबाजी एक बार फिर चर्चा में है। विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी के भीतर अलग-अलग मुद्दों को लेकर नेताओं के बीच मतभेद खुलकर सामने आने लगे हैं। इसी क्रम में पूर्व मुख्यमंत्री Harish Rawat को लेकर भी पार्टी के भीतर राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं।
पार्टी संगठन, नए नेताओं की एंट्री और आगामी चुनावी रणनीति जैसे मुद्दों पर कांग्रेस नेताओं के अलग-अलग बयान सामने आ रहे हैं। राजनीतिक गलियारों में इसे कांग्रेस के भीतर गुटबाजी और नेतृत्व को लेकर चल रही खींचतान से जोड़कर देखा जा रहा है।
हाल के दिनों में पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं के सार्वजनिक बयानों ने संगठन के भीतर मतभेदों की चर्चा को और बढ़ा दिया है। हालांकि कांग्रेस के नेता इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा बताते हुए पार्टी को एकजुट और मजबूत होने का दावा कर रहे हैं।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आगामी चुनावों को देखते हुए कांग्रेस के लिए संगठनात्मक एकजुटता बनाए रखना बड़ी चुनौती हो सकती है। वहीं भाजपा भी कांग्रेस की अंदरूनी बयानबाजी को मुद्दा बनाकर लगातार हमला बोल रही है।
प्रदेश की राजनीति में बढ़ती बयानबाजी के बीच अब सभी की नजर कांग्रेस नेतृत्व पर है कि वह संगठन के भीतर समन्वय और एकजुटता बनाए रखने के लिए क्या कदम उठाता है।