हरिद्वार। विश्व हिंदू परिषद (विहिप) की केंद्रीय मार्गदर्शक मंडल की दो दिवसीय बैठक में परिवार व्यवस्था, सनातन संस्कृति के संरक्षण और सामाजिक मूल्यों को लेकर व्यापक चर्चा हुई। विहिप के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार ने कहा कि देश में परिवार व्यवस्था का कमजोर होना चिंता का विषय है और इस दिशा में समाज को जागरूक करने की आवश्यकता है।
हरिद्वार के भूपतवाला स्थित निष्काम सेवा ट्रस्ट आश्रम में आयोजित बैठक के पहले दिन देशभर से विहिप पदाधिकारी, साधु-संत और धर्माचार्य शामिल हुए। मीडिया से बातचीत में आलोक कुमार ने कहा कि हिंदू परिवारों में अच्छे संस्कारों को बढ़ावा मिलना चाहिए, लेकिन वर्तमान समय में बिना विवाह साथ रहने (लिव-इन रिलेशन) और समलैंगिक विवाह जैसे मुद्दों पर समाज में नए विचार सामने आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि बैठक में इन विषयों पर गंभीर मंथन किया गया है और भविष्य में इन पर विस्तृत समीक्षा की जाएगी।
बंगाल चुनाव परिणाम पर भी की टिप्पणी
आलोक कुमार ने पश्चिम बंगाल चुनाव में भाजपा की जीत को हिंदू समाज की बड़ी जीत बताते हुए कहा कि इससे यह संदेश गया है कि तुष्टीकरण की राजनीति लंबे समय तक सफल नहीं हो सकती।
सनातन संस्कृति और गौ संरक्षण पर चर्चा
बैठक में सनातन संस्कृति के संरक्षण, गौ सुरक्षा एवं संवर्धन, परिवार व्यवस्था और सामाजिक आचार-विचार जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई। संत समाज ने अपने संबोधन में कहा कि सनातन धर्म केवल पूजा-पद्धति नहीं, बल्कि विश्वबंधुत्व और मानवता का संदेश देने वाली जीवनशैली है।
संतों ने विहिप के सेवा कार्यों की सराहना करते हुए समाज को संगठित और जागरूक बनाने के लिए व्यापक जनजागरण अभियान चलाने पर बल दिया।
दूसरे दिन भी जारी रहेगा मंथन
सम्मेलन के दूसरे दिन सनातन परंपरा और सामाजिक विषयों से जुड़े कई अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा प्रस्तावित है। बैठक में निरंजन पीठाधीश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरी महाराज, महानिर्वाणी अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी विशोकानंद भारती महाराज सहित बड़ी संख्या में साधु-संत उपस्थित रहे।
सूत्रों के अनुसार, सम्मेलन के दूसरे दिन मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी समेत कई प्रमुख हस्तियों के शामिल होने की संभावना है।