June 20, 2026 1:57 pm

VHP मार्गदर्शक मंडल की बैठक में कई अहम प्रस्ताव पारित, गौ रक्षा कानून और परिवार कानूनों की समीक्षा की मांग, CM ने भी की शिरकत

हरिद्वार। भूपतवाला स्थित निष्काम सेवा ट्रस्ट आश्रम में विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के केंद्रीय मार्गदर्शक मंडल की दो दिवसीय बैठक संपन्न हो गई। बैठक में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, विहिप के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार सहित कई संत-महात्माओं ने भाग लिया। बैठक में गौ संरक्षण, परिवार व्यवस्था, नशामुक्ति और राम मंदिर चंदा मामले समेत कई महत्वपूर्ण विषयों पर प्रस्ताव पारित किए गए।

बैठक के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि देश और समाज के व्यापक हितों को ध्यान में रखते हुए संतों और विहिप के प्रतिनिधियों ने विभिन्न विषयों पर विचार-विमर्श किया। उन्होंने कहा कि संतों का आशीर्वाद प्राप्त होना उनका सौभाग्य है और आगामी कुंभ मेले के सफल आयोजन के लिए सभी का सहयोग मिलेगा।

विहिप के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार ने सम्पूर्ण गौ रक्षा और गौ संवर्धन के लिए सख्त कानून बनाने की मांग दोहराई। उन्होंने कहा कि विहिप वर्षों से गौ संरक्षण के लिए अभियान चला रहा है और हर साल बड़ी संख्या में गायों को वध से बचाने का कार्य करता है। उन्होंने सरकार से गौ संरक्षण को और प्रभावी बनाने के लिए जल्द कानून बनाने का आग्रह किया।

बैठक में अयोध्या राम मंदिर चंदा मामले पर भी चर्चा हुई। आलोक कुमार ने कहा कि ट्रस्ट एक-एक पैसे के प्रति जवाबदेह है और उसने स्वयं सरकार से जांच कराने का अनुरोध किया है। उन्होंने कहा कि जांच में पूरा सहयोग दिया जा रहा है और यदि कोई दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। साथ ही अन्य संबंधित ट्रस्टों की भी निष्पक्ष जांच की मांग की गई।

मार्गदर्शक मंडल ने नशामुक्त समाज के निर्माण, हिंदू समाज की एकता और सामाजिक समरसता को मजबूत करने पर भी जोर दिया। बैठक में परिवार व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के लिए मौजूदा वैवाहिक कानूनों की समीक्षा का प्रस्ताव भी पारित किया गया।

दण्डी स्वामी जितेन्द्रानंद सरस्वती ने कहा कि बढ़ते तलाक, परिवारों के विघटन और बदलती सामाजिक परिस्थितियां चिंता का विषय हैं। उन्होंने कहा कि समलैंगिक विवाह और लिव-इन रिलेशन से जुड़े कानूनों की संसद स्तर पर समीक्षा की जानी चाहिए, ताकि भारतीय परिवार व्यवस्था को मजबूत बनाया जा सके।

दो दिवसीय बैठक में संतों और विहिप पदाधिकारियों ने सनातन संस्कृति, गौ संरक्षण, सामाजिक जागरूकता और राष्ट्रीय एकता से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तृत मंथन करते हुए कई प्रस्ताव पारित किए।